जम्मू कश्मीर प्रशासन का बड़ा आरोप, अब्दुल्ला का मकान अतिक्रमण वाली जमीन पर बना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 24, 2020   18:14
  • Like
जम्मू कश्मीर प्रशासन का बड़ा आरोप, अब्दुल्ला का मकान अतिक्रमण वाली जमीन पर बना

प्रशासन ने मंगलवार को ऐसे लोगों की एक सूची जारी की, जिन्होंने दूसरों को दी गयी जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण किया। सूची में उल्लेख किया गया है कि विवादित रोशनी कानून के तहत नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर और जम्मू के मुख्यालयों को भी वैध बनाया गया।

जम्मू। जम्मू कश्मीर के प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला का नाम एक सूची में शामिल कर आरोप लगाया है कि जम्मू में उनका रिहायशी आवास गैरकानूनी तरीके हासिल भूमि पर बनाया गया। फारूक और उमर दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है। जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रशासित क्षेत्र के प्रशासन ने विवादित रोशनी भूमि योजना के तहत जमीन हासिल करने वालों की सूची सार्वजनिक की है।प्रशासन ने मंगलवार को ऐसे लोगों की एक सूची जारी की, जिन्होंने दूसरों को दी गयी जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण किया। सूची में उल्लेख किया गया है कि विवादित रोशनी कानून के तहत नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर और जम्मू के मुख्यालयों को भी वैध बनाया गया।

इसे भी पढ़ें: जम्‍मू कश्‍मीर में LoC के पास आसमान में एक पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता दिखा

अपनी वेबसाइट पर सूचियों को प्रदर्शित करते हुए जम्मू के संभागीय प्रशासन ने खुलासा किया है कि सुजवां में करीब एक एकड़ क्षेत्र में बना फारूक और उमर का आवास अतिक्रमण वाली सरकारी जमीन पर बना है। राजस्व रिकॉर्ड में तो इसे नहीं दिखाया गया लेकिन इस पर अतिक्रमण किया गया। नयी सूची पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘सूत्रों के आधार पर खबर आयी है कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला रोशनी कानून के लाभार्थी हैं। यह बिल्कुल झूठी खबर है और गलत मंशा से इस खबर का प्रसार किया जा रहा। जम्मू और श्रीनगर में बने उनके मकानों का उक्त कानून से कोई लेना-देना नहीं है। ’’ उमर ने कहा, ‘‘फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर या जम्मू में अपने आवास के लिए रोशनी योजना का लाभ नहीं उठाया और जो भी ऐसा कह रहा है वह झूठ बोल रहा है। सूत्रों के हवाले से आयी इस खबर में कोई तथ्य नहीं है।’’ अधिकारियों ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला का मकान 1990 के दशक में बना था जिसके लिए लकड़ियों का आवंटन सरकारी गोदाम से हुआ था। सभी राजस्व रिकार्ड में रिकॉर्ड मिलने के बाद ही यह जारी किया जाता है। इससे पहले तीन पूर्व मंत्री, कई नेता और एक पूर्व नौकरशाह के नाम लाभार्थियोंकी सूची में आए थे जिन्होंने रोशनी कानून के तहत जमीन हासिल की। इस कानून को निरस्त किया जा चुका है। संभागीय प्रशासन ने उच्च न्यायालय के नौ अक्टूबर के आदेश के तहत सूची सार्वजनिक की। अदालत ने रोशनी कानून को ‘‘गैर कानूनी,असंवैधानिक’’ बताया था और इस कानून के तहत भूमि के आवंटन की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। कश्मीर के संभागीय प्रशासन ने 35 लाभार्थियों की सूची जारी करते हुए दिखाया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्यालय, कई होटलों और दर्जनों वाणिज्यिक इमारतों को कानून के तहत नियमित घोषित कर दिया गया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने ली कोविड-19 टीके की पहली खुराक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   12:19
  • Like
राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने ली कोविड-19 टीके की पहली खुराक

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक ली।देश में एक मार्च से आरंभ हुए टीकाकरण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोग तथा विभिन्न रोगों से ग्रस्त 45-59 वर्ष आयुवर्ग के लोगों कोटीका लगाया जा रहा है।

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को यहां कोरोना वायरस प्रतिरक्षण टीके की पहली खुराक लगवाई। एक अधिकारी के अनुसार गहलोत ने सवाई मान सिंह अस्पताल में टीका लगवाया।इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भी मौजूद थे।

इसे भी पढ़ें: ब्राजील के उपग्रह प्रक्षेपण के बाद अब भारत इटली के साथ कर रहा अवसरों की तलाश

देश में एक मार्च से आरंभ हुए टीकाकरण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोग तथा विभिन्न रोगों से ग्रस्त 45-59 वर्ष आयुवर्ग के लोगों कोटीका लगाया जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का एक भी नया मामला नहीं आया सामने

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   12:10
  • Like
अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का एक भी नया मामला नहीं आया सामने

अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 का कोई नया मामला नहीं सामने आया है। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी दिमोंग पाडुंग ने बताया कि राज्य में अब तक 38,090 स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को कोविड-19 टीका लगाया जा चुका है।

ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य सतर्कता अधिकारी डॉ. लोबसांग जाम्पा ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्य में अब तक कुल 16,838 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 16,780 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और दो लोगों का उपचार चल रहा है। ये दोनों मरीज तिरप जिले में हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में संक्रमण से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें: ब्राजील के उपग्रह प्रक्षेपण के बाद अब भारत इटली के साथ कर रहा अवसरों की तलाश

उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए अब तक कुल 4,07,377 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 326 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी दिमोंग पाडुंग ने बताया कि राज्य में अब तक 38,090 स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को कोविड-19 टीका लगाया जा चुका है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राहुल गांधी ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा, कहा- महंगाई एक अभिशाप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   12:03
  • Like
राहुल गांधी ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा, कहा- महंगाई एक अभिशाप

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों से ‘स्पीक अप अंगेस्ट प्राइजराइज’ अभियान से जुड़कर महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया , ‘‘महंगाई एक अभिशाप है। केंद्र सरकार सिर्फ़ टैक्स कमाने के लिए जनता को महंगाई के दलदल में धकेलती जा रही है। देश के विनाश के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाइए।’’

नयीदिल्ली। कांग्रेस ने पेट्रोल -डीजल ,रसोईगैस और कुछ अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ शुक्रवार को सोशल मीडिया अभियान शुरू किया। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों से ‘स्पीक अप अंगेस्ट प्राइजराइज’ अभियान से जुड़कर महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया , ‘‘ महंगाई एक अभिशाप है। केंद्र सरकार सिर्फ़ टैक्स कमाने के लिए जनता को महंगाई के दलदल में धकेलती जा रही है। देश के विनाश के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाइए।’’

इसे भी पढ़ें: विपक्ष जितना RSS-RSS करता रहेगा, संघ उतना ही मजबूत होगा: येदियुरप्पा 

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार की ओर से उठाए गए हर कदम से आम लोगों की जेब खाली हुई है। देश के लोग इसे सहन नहीं करेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे।’’ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इस अभियान के तहत सरकार पर निशाना साधा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept