मेरे खिलाफ बयानबाजी करने से युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा : Ashok Gehlot

Ashok Gehlot
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उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने इस प्रकरण में मंगलवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख सहित चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट बदले जाने व प्रश्न पत्र लीक होने के मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ बयानबाजी करने से युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की तरह जनता को भ्रमित करने वाले आरोप नहीं लगा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। गहलोत ने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा सरकार गंभीर मुद्दों को केवल राजनीति का माध्यम बना रही है। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाए।

मुख्यमंत्री शर्मा ने दोपहर में सिरोही में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया, वर्ष 2019 में आयोजित हुए पेपरों की ओएमआर शीट में बदलाव हुए। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री (गहलोत) के घर तक भी जा रही है।

शर्मा ने सवाल किया कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की भूमिका क्या थी? इसके बाद गहलोत ने रात में एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी, मैंने तो अभी आपके ऊपर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। मैं तो मुझे मिले फीडबैक के आधार पर युवाओं के हित में आपसे आग्रह कर रहा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, मेरे खिलाफ बयानबाजी करने से युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा। हम आपकी तरह जनता को भ्रमित करने वाले आरोप नहीं लगा रहे। आपको ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से सवाल किया, आप तो केवल ये बताइए, क्या 2024 और 2025 में ओएमआर शीट बदली गई हैं या नहीं। प्रदेश का युवा जवाब चाहता है क्योंकि लगातार ऊंची कट-ऑफ जाने से इसका संबंध जुड़ रहा है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो कांग्रेस सरकार के दौरान बने कानून से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ रुपये का जुर्माना और उनकी संपत्ति जब्त कर तथा इन भर्ती परीक्षाओं के नतीजों में पारदर्शिता लाकर न्याय सुनिश्चित करें।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने इस प्रकरण में मंगलवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख सहित चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।

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