Mallikarjun Kharge का केंद्र पर बड़ा हमला, दोषपूर्ण Delimitation Bill लोकतंत्र पर कुटिल हमला

Mallikarjun Kharge
ANI
अंकित सिंह । Apr 16 2026 1:47PM

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के नाम पर लाए गए 'दोषपूर्ण' परिसीमन विधेयकों को स्वीकार नहीं करेगा और इसे लोकतंत्र पर एक कुटिल हमला बताते हुए एकजुट होकर इसका मुकाबला करेगा।

लोकसभा में संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के नाम पर पेश किए गए परिसीमन विधेयक का एकजुट होकर विरोध कर रहा है। खरगे ने X पर पोस्ट किया कि विपक्ष संसद को महिला आरक्षण के नाम पर पेश किए गए दोषपूर्ण परिसीमन विधेयकों के प्रभाव में नहीं आने देगा। हम एकजुट हैं और अपने लोकतंत्र पर इस कुटिल हमले का पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे।

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने वाले संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किए गए, जबकि विपक्ष ने ध्वनि मत के बजाय तीन विधेयक पेश करने के कदम के खिलाफ विभाजन की मांग की। सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। 

‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पेश करने के प्रस्ताव के पक्ष में 251 वोट और विरोध में 185 वोट पड़े। इससे पहले कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने विधेयकों को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए इन्हें पेश करने के समय पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों को भारत के संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि वास्तव में विधेयक इस समय लाने का क्या मकसद है। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से 2023 में ही महिला आरक्षण विधेयक पारित कर दिया था तो सरकार ने उसी समय इसे लागू क्यों नहीं किया? 

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वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर डरे हुए हैं। आप असंवैधानिक विधेयक ला रहे हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव ने सवाल किया कि सरकार को इन विधेयकों को लाने की इतनी जल्दीबाजी क्यों हैं? सपा के धर्मेंद्र यादव ने तीनों विधेयकों का विरोध करते हुए कहा कि मैं संवैधानिक आधार पर इनका पुरजोर विरोध करता हूं। संसद की जिम्मेदारी संविधान की सुरक्षा की है। लेकिन इन विधेयकों से संविधान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिस तरह परिसीमन को जनगणना से अलग किया जा रहा है, वह संविधान की भावना के विरुद्ध है।

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