60 साल के करियर में ऐसा माहौल नहीं देखा, CJP Protest पर पुलिसिया कार्रवाई से नाराज Mallikarjun Kharge

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने और संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्याय के मुद्दों पर बोलते समय सदन में उनका माइक बंद कर दिया गया। खड़गे ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए गृह मंत्री से जवाब देने की मांग की।
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन और संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
हम अपनी बात कहने कहां जाएं?
संसद परिसर में अपनी बात रखते हुए खड़गे ने कहा, "हम देश में हो रहे अन्याय, उत्पीड़न और दबाव के मुद्दों को संसद में उठाना चाहते थे और इसके लिए समय मांगा था। लेकिन जैसे ही मैंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, मेरा माइक बंद कर दिया गया। क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं? अगर आप लोकतंत्र में चर्चा ही नहीं कराना चाहते और हमारी आवाज सुनना ही नहीं चाहते, तो हम अपनी बात कहने कहां जाएं?"
उन्होंने आगे सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, "हम यह भी जानना चाहते हैं कि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ क्या बातचीत हुई और उनकी आंतरिक बैठक में क्या फैसले लिए गए? जनता को यह सच्चाई बताना बेहद जरूरी है। इसीलिए हमने इस विषय पर सदन में चर्चा और गृह मंत्री के आधिकारिक बयान की मांग की थी। फ्लोर लीडर्स को इस पर बोलने का मौका मिलना चाहिए था।"
#WATCH | Delhi: On Police action during CJP protest march yesterday, Congress president and Rajya Sabha LoP Mallikarjun Kharge says, "...We sought time to raise in Parliament the issue of injustice, oppression and pressure being unleashed. But as soon as I uttered a word, the mic… pic.twitter.com/wXJKOEGaH6
— ANI (@ANI) July 21, 2026
लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश कर रही भाजपा
खड़गे ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, "सरकार लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रही है। अपने 60 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने कभी ऐसा माहौल नहीं देखा। आज देश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री इसे नियंत्रित नहीं करना चाहते और न ही संसद में कोई जवाब देना चाहते हैं। हम सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।"
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