ममता सरकार का बड़ा फैसला, कोलकाता में लागू होगा 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नियम

  •  अंकित सिंह
  •  दिसंबर 4, 2020   21:25
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ममता सरकार का बड़ा फैसला, कोलकाता में लागू होगा 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नियम

यह नियम फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 8 दिसंबर 2020 से 5 फरवरी 2021 तक लागू रहेगा। इस नए नियम को 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का नाम दिया गया है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने दो पहिया वाहन चालकों पर सख्ति के आदेश दिए है। इस आदेश के तहत अब बंगाल में दोपहिया वाहनों में पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप हेलमेट नहीं पहनेंगे तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगी। हालांकि यह नियम फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 8 दिसंबर 2020 से 5 फरवरी 2021 तक लागू रहेगा। इस नए नियम को 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का नाम दिया गया है।

आपको बता दें कि राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे पहले राज्य सरकार ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए नो सास्क, नो फ्यूल का भी अभियान शुरू किया था। फिलहाल राज्य में सेफ ड्राइव सेफ लाइफ अभियान के बावजूद भी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए अब कोरोना के निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:33
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जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए अब कोरोना के निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है।

पुरी। पुरी में भगवान जगन्नाथ के मंदिर के अंदर करीब 10 महीने बाद बृहस्पतिवार से श्रद्धालु फिर से प्रवेश कर सकेंगे और उन्हें कोविड-19 की निगेटिव (जांच) रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। पुरी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ बैठक के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजीटीए) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में प्रवेश के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट पेश करने का प्रावधान खत्म करने का फैसला किया गया है। 

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उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है।’’ पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार से प्रति दिन कम से कम 30,000 श्रद्धालुओं के सुगमता से (भगवान जगन्नाथ के) दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है। यह मंदिर देश के चार धामों में शामिल है, जिनमें पूर्व में जगन्नाथ पुरी, पश्चिम में द्वारका, उत्तर में बद्रीनाथ और दक्षिण में रामेश्वरम शामिल हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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असम में कोरोना वैक्सीन की 1,000 खुराकें हुईं बर्बाद, जांच के आदेश दिए गए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:24
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असम में कोरोना वैक्सीन की 1,000 खुराकें हुईं बर्बाद, जांच के आदेश दिए गए

कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि वर्तमान में जारी टीकाकरण अभियान पर इस बर्बादी का असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को यह मामला प्रकाश में आया।

सिलचर। असम के कछार जिले में स्थित सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शून्य डिग्री से कम तापमान में भंडारण के कारण कोविड-19 टीके की 1,000 खुराकें जम गईं और बर्बाद हो गईं। प्रशासन ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि वर्तमान में जारी टीकाकरण अभियान पर इस बर्बादी का असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को यह मामला प्रकाश में आया। 

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उन्होंने कहा कि कोविशील्ड टीके की 100 शीशियां मुख्य रूप से भंडारण सुविधा और कोल्ड स्टोर प्रबंधन में खामियों के कारण खराब हो गईं। जल्ली ने कहा, हालांकि, हमने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, ताकि खामियों के पीछे का कारण पता चल सके। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से टीकाकरण अभियान में बाधा नहीं आएगी क्योंकि हमारे पास टीके का पर्याप्त भंडार है। असम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. एस लक्ष्मणन ने कहा कि टीके के भंडारण और आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।





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तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:15
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तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा।

पटना। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव बुधवार की देर शाम पटना में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में शामिल हुए। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि इतनी ठंड में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करवाया गया और उनके पंडाल को उखड़वा दिया गया। 

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तेजस्वी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा। विपक्ष में रहते हुए भी बेरोजगार साथियों को नौकरी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।





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