मनजिंदर सिंह सिरसा: सिखों का बड़ा चेहरा जिसे भाजपा ने पंजाब चुनाव से पहले पार्टी में शामिल कराया

मनजिंदर सिंह सिरसा: सिखों का बड़ा चेहरा जिसे भाजपा ने पंजाब चुनाव से पहले पार्टी में शामिल कराया

मनजिंदर सिंह सिरसा को पार्टी में शामिल कराना भी भाजपा के लिए मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है। भाजपा ने कहीं ना कहीं एक बड़े सिख चेहरा को अपने पाले में करने की कोशिश की जिसमें उसे कामयाबी भी हासिल हुई। मनजिंदर सिंह सिरसा का भाजपा में शामिल होना पंजाब चुनाव से जोड़कर देखा गया।

पंजाब चुनाव से पहले कई सिख नेताओं ने भाजपा का दामन थामा। लेकिन एक चेहरे की खूब चर्चा रही। वह चेहरा मनजिंदर सिंह सिरसा का है। मनजिंदर सिंह सिरसा अकाली दल के बड़े नेता माने जाते थे और साथ ही साथ दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख भी थे। हालांकि पंजाब चुनाव से ठीक पहले दिसंबर 2021 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मनजिंदर सिंह सिरसा सिखों के बड़े नेता माने जाते थे और साथ ही साथ व अकाली दल के भी प्रमुख चेहरा रहे हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग 1 साल तक चले प्रदर्शन का मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पुरजोर समर्थन किया। लेकिन जैसे ही केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया, मनजिंदर सिंह सिरसा भाजपा में शामिल हो गए।

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मनजिंदर सिंह सिरसा को पार्टी में शामिल कराना भी भाजपा के लिए मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है। भाजपा ने कहीं ना कहीं एक बड़े सिख चेहरा को अपने पाले में करने की कोशिश की जिसमें उसे कामयाबी भी हासिल हुई। मनजिंदर सिंह सिरसा का भाजपा में शामिल होना पंजाब चुनाव से जोड़कर देखा गया। पंजाब में सिख मतदाताओं की आबादी ज्यादा है। ऐसे में उन्हें भाजपा के पक्ष में करने में मनजिंदर सिंह सिरसा अहम भूमिका निभा सकते हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली विधानसभा के दो बार सदस्य रहे हैं। वह राजौरी गार्डन से विधायक रहे हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा का जन्म हरियाणा के सिरसा में 28 फरवरी 1972 को हुआ था। मनजिंदर सिंह सिरसा अकाली दल से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हुए। सिरसा 2013 में पहली दफा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बने थे। उसके बाद वह दोबारा 2017 में भी चुने गए।

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भाजपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल होने के बाद सिरसा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। शाह ने कहा था कि सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख समुदाय के कल्याण के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि उनके पार्टी में शामिल होने से यह संकल्प और मजबूत होगा। सिरसा के बारे में नड्डा ने कहा था कि मुझे यकीन है कि उनका अनुभव और कड़ी मेहनत भाजपा को और मजबूत करेगी। वहीं, भाजपा में शामिल होने के बाद सिरसा ने मीडिया से कहा कि मैंने हमेशा सिखों से जुड़े मुद्दों के लिए आवाज उठाई है। मैंने देश भर में सिखों से संबंधित मुद्दों के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह जी के साथ बातचीत की। मुझे खुशी है कि न केवल उन्होंने मुझसे बात की बल्कि कहा कि वह इन मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं और उन्हें प्रधानमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे। 

सिरसा ने भाजपा में शामिल होने से पहले डीएसजीएमसी में अपना पद छोड़ दिया था। भाजपा में शामिल होने से पहले सिरसा ने एक ट्वीट में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा की। सिरसा को शिअद प्रमुख सुखबीर बादल का करीबी सहयोगी माना जाता था और जब सिख धर्म से जुड़े मुद्दों की बात आती है तो वह पार्टी के सबसे अधिक दिखाई देने वाले चेहरों में से एक हैं। सिरसा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए रसद की व्यवस्था करने में सबसे आगे रहे हैं।





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