मेरठ : बाइक के कटे चालान से नाराज युवक ने कमिश्नर ऑफिस के बाहर खुद पर डाला पेट्रोल

मेरठ : बाइक के कटे चालान से नाराज युवक ने कमिश्नर ऑफिस के बाहर खुद पर डाला पेट्रोल

युवक की बाइक का 16 हजार का चालान काटे जाने को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कमिश्नर ऑफिस के बाहर मंगलवार को एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। वह अपनी मां और पिता के साथ पर आ धमका और आत्मदाह की धमकी देते हुए बखेड़ा खड़ा कर दिया।

यूपी के मेरठ में सोमवार को थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक युवक की बाइक का 16 हजार का चालान काटे जाने को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कमिश्नर ऑफिस के बाहर मंगलवार को एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया।  युवक अपनी मां और पिता के साथ वहां पर आ धमका और आत्मदाह की धमकी देते हुए बखेड़ा खड़ा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह युवक को बचाया।जिसके बाद पुलिस ने पूरे परिवार को हिरासत में ले लिया। 

गंगानगर थाना क्षेत्र के लाल पार्क निवासी अशोक की पत्नी मुकेश की तबीयत खराब थी। उनका 26 साल का बेटा रोहित सोमवार को मां की दवा लेने जा रहा था। रास्ते में सिविल लाइन के इंस्पेक्टर अनिल मिश्रा ने उसको रोक लिया। उसने उनको को बताया कि मां बीमार हैं। मेडिकल स्टोर जा रहा हूं।आरोप है कि  यह बताने के बाद भी बाइक के कागजात मोके पर नहीं होने के कारन इंस्पेक्टर ने बाइक का ऑनलाइन चालान काट दिया। बाद में युवक घर पहुंचा, तो मोबाइल से 16 हजार रुपए के चालान कटने का पता चला।

वहीं मंगलवार सुबह रोहित अपने पिता अशोक व मां मुकेश देवी को लेकर एसपी ट्रैफिक के दफ्तर आ गया। रोहित ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर ने चलन करते समय एनकाउंटर की भी धमकी दी थी। बताया गया है कि एसपी ट्रैफिक जे के श्रीवास्तव ने भी मदद से हाथ खड़े कर दिये। जिसके बाद तीनों कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे और नाराज होकर पुलिस के खिलाफ हंगामा कर दिया। रोहित ने मिट्टी के तेल की बोतल निकाल ली और खुद पर उड़ेल ली। 

इस दौरान पुलिसकर्मियों और हंगामा कर रहे परिवार के सदस्यों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भेज दिया। वहीं सिविल लाइन सीओ देवेश सिंह ने बताया कि धमाकों की आवाज निकलने के चलते युवक की बुलेट बाइक का चालान काटा गया था। उन्होंने युवक के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।