मेरठ : वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लकर वकील ने की हड़ताल

मेरठ : वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लकर वकील ने की हड़ताल

हाईकोर्ट बेंच को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इसके तहत अब शनिवार के साथ ही महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को भी हाईकोर्ट बेंच को लेकर वकील हड़ताल पर रहेंगे। फिलहाल दो अक्तूबर तक वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का ऐलान किया है। बेंच के लिए अब जिला, तहसील के साथ ही रजिस्ट्री कार्यालय भी शनिवार, बुधवार को बंद कराए जाएंगे।

मेरठ ,पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर फिर से वकील आक्रोशित हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले वकीलों ने वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज कर दी है। होईकोर्ट बेंच की मांग व न्याय शुल्क में वृद्धि के विरोध तथा कचहरी में सुरक्षा को लेकर मंगलवार को केंद्रीय संघर्ष समिति ने बैठक की। 29 सितंबर से लेकर वकील 2 अक्तूबर तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।

वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इसके तहत अब शनिवार के साथ ही महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को भी हाईकोर्ट बेंच को लेकर वकील हड़ताल पर रहेंगे। फिलहाल दो अक्तूबर तक वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का ऐलान किया है। बेंच के लिए अब जिला, तहसील के साथ ही रजिस्ट्री कार्यालय भी शनिवार, बुधवार को बंद कराए जाएंगे। साथ ही सांसद, विधायक, मंत्रियों का घेराव किया जाएगा।

मंगलवार को हाईकोर्ट बेंच केन्द्रीय संघर्ष समिति की बैठक पं.नानक चंद सभागार में हुई। सर्वसम्मति से हाईकोर्ट बेंच आंदोलन की रणनीति बनाई गई। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग, न्याय शुल्क में वृद्धि के विरोध और कचहरी में सुरक्षा की मांग को लेकर मंथन हुआ। शनिवार के साथ ही हर महीने के दूसरे व चौथे बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। 29, 30 सितम्बर और एक अक्टूबर को भी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।

चेयरमैन महावीर सिंह त्यागी और संयोजक सचिन चौधरी के संचालन में हुई केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में हाईकोर्ट बेंच पर निर्णय नहीं लिए जाने पर नाराजगी जताई गई। बैठक में बार कौंसिल ऑफ उप्र के सदस्य हरिशंकर सिंह के अलावा नगीना, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, कैराना, देवबन्द, बागपत, सरधना, जिला बार एसोसिएशन सहित अन्य जिलों और तहसीलों के अध्यक्ष/महामंत्री मौजूद रहे।





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