गणतंत्र दिवस के अवसर पर 82 और गांवों को ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ का तोहफा

Ranjeet singh
बिजली मंत्री ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि बिजली निगमों की कार्यप्रणाली की सराहना केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतामरण ने भी की है। यह हरियाणा के इतिहास में शायद पहला अवसर है जब बिजली निगमों की चारों वितरण कम्पनियां मुनाफे में पहुंची है। ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं में जागरूकता आई है जिसके फलस्वरूप बिजली बिल भरने के प्रति लोग आगे आ रहे हैं।

चंडीगढ़  बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह ने कहा है कि ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के प्रति ग्रामीण उपभोक्ताओं का रुझान निरंतर बढ़ता जा रहा है। बिजली निगमों ने 26 जनवरी को गणतत्र दिवस के अवसर पर 82 और गांव को ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना में शामिल कर गणतंत्र दिवस का तोहफा दिया है और इसके साथ ही हरियाणा के 5569 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी।

 

बिजली मंत्री ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि बिजली निगमों की कार्यप्रणाली की सराहना केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतामरण ने भी की है। यह हरियाणा के इतिहास में शायद पहला अवसर है  जब बिजली निगमों की चारों वितरण कम्पनियां मुनाफे में पहुंची है। ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं में जागरूकता आई है जिसके फलस्वरूप बिजली बिल भरने के प्रति लोग आगे आ रहे हैं।

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चौ. रणजीत सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन 82 गांवों  में ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी उनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 52 गांव तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 30 गांव शामिल हैं। इन गांवों में सोनीपत जिले के 25 गांव, रोहतक के 9, झज्जर के 18, चरखी दादरी के 4, महेन्द्रगढ़ के 18 तथा भिवानी जिले के 10 गांव शामिल हैं। इसके साथ ही 26 जनवरी से प्रदेश के 77 प्रतिशत अर्थात 5569 गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध हो जाएगी। इससे पहले यह संख्या 5487 गांव की थी। उन्होंने बताया की 10 जिले नामतः सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर व करनाल ऐसे जिले बन गए हैं जहां 24 घंटे बिजली की उपलब्धता हुई है।

बिजली मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अन्य शेष गांवों को ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना में शामिल करने के लिए कार्य तीव्रता से किया जा रहा है। योजना से ग्रामीण उपभोक्ताओं में बिजली के बिलों का भुगताना समय पर करने, बिजली चोरी रोकने और बिजली निगमों के कर्मचारियों के साथ सहायोग करने की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

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उन्होंने बताया की ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत बिजली पंचायतों के माध्यम से नये कनेक्शन जारी करना, खराब मीटरों को बदलना, बिजली बिलों को ठीक करना, अनधिकृत बिजली लोड को नियमित करना, बिजली बिलों का प्रभावी वितरण करना, पुराने क्षतिग्रस्त कंडक्टर को ए.बी. केबल में बदलना तथा उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों को परिसर से बाहर स्थांनातरित करना मुख्य रूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का लाइन लॉस भी घटकर लगभग 14 प्रतिशत हो गया है जो कभी 33 प्रतिशत से अधिक होता था।

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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भिवानी जिले के बाढड़ा गांव में वर्ष 2015 में एक रैली के दौरान स्वंय ग्रामीण उपभोक्ताओं से बिजली के बिल भरने की आदत डालने की अपील की थी और इसका परिणाम यह हुआ कि लोग स्वयं अपने बिल जमा करने के लिए आगे आ रहे हैं। इसके बाद 01 जुलाई, 2015 से  मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए कुरूक्षेत्र जिले के दयालपुर गांव से ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना की शुरूआत की थी। इसके फलस्वरूप आज 5569 गांव इस योजना में शामिल हो गये हैं।

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