मिर्ची बाबा पहुंचे गौशाला,जताया अपना विरोध, सरकार पर लगाया आरोप

 Mirchi baba in goushala
सुयश भट्ट । Jan 31, 2022 4:37PM
गायों की मौत की खबर के बाद मिर्ची बाबा ने गौशाला पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गाय हमारी मां है इस अन्याय के खिलाफ लडेंगे और मरेंगे भी। बैरसिया में चोरा तरभ कंकाल पड़े हुए हैं। इससे रोग फैलने की संभावना है।

भोपाल। राजधानी भोपाल में बीजेपी नेत्री निर्मला देवी शांडिल्य की गौशाला में सैकड़ों गायों की लाशें मिलने में बड़ा खुलासा हुआ है। गौशाला में गायों को चूने का पानी पिलाकर मारा जा रहा था। वहीं उनके चमड़े और हड्डियों का इस्तेमाल व्यापार में होता था।

जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि बेरसिया भोपाल जिले में कई वर्षों से भाजपा नेता द्वारा संचालित गौशाला में गाय के हड्डी और चमड़े का व्यापार चला हुआ था। आज लगभग 400 से अधिक गाय मृत पाई गई है।

इसे भी पढ़ें:CM शिवराज हुए चोटिल, पैर में घुसा लोहे का सरिया 

उन्होंने गौशाला के संचालक मंडल पर गौ हत्या का प्रकरण दर्ज करने और संचालिका शांडिल्य द्वारा चमड़े और हड्डियों का व्यापार तो नहीं किया जा रहा था इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने इसी के साथ ही गौशाला के पिछले वर्षों में मिले अनुदान की जांच होना चाहिए।

जानकारी मिली है कि गौसेवा भारती गौशाला बसई बैरसिया की संचालिका निर्मला शांडिल्य पर बैरसिया पुलिस ने धारा 269, 270 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गायों की मौत की खबर के बाद मिर्ची बाबा ने गौशाला पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गाय हमारी मां है इस अन्याय के खिलाफ लडेंगे और मरेंगे भी। बैरसिया में चोरा तरभ कंकाल पड़े हुए हैं। इससे रोग फैलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि मैं संत, ऋषि,मुनि और तपस्वियों की ओर से संदेश देना चाहता हूं कि गायों की मौत पर अकुंश नहीं लगाया गया तो देश में प्रलय आ जाएगा। उन्होंने शिवराज सरकार से प्रत्येक गायों के लिए रोज 50 रुपए देने की मांग की है।

इसे भी पढ़ें:गौशाला में सैकड़ों गायों की लाशें मिलने पर बोले दिग्विजय सिंह, सरकार पर लगाए आरोप 

जिस गौशाला में हुई सैकड़ों गायों की मौत उसको लाखों का अनुदान मिल चुका है। इसके बाद भी गायों की देख-रेख में लापरवाही बरती गई है। गौशाला को 2015 से 2021 तक करीब 37 लाख का अनुदान मिला है।

2015-16 में मिला 4 लाख 11 हजार अनुदान। पिछले 2 साल मे 12 लाख का अनुदान दिया है।
2015-16 में 4,11,601
2016-17 में 1,97,334
2017-18 में 5,93,468
2018-19 में 4,97,625
2019-20 में 8,89,648
2020-21 में 12,19,380

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़