मोदी का नेतृत्व बेजोड़, वह BJP के PM पद के उम्मीदवार होंगे: केशव मौर्य

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 10 2019 12:28PM
मोदी का नेतृत्व बेजोड़, वह BJP के PM पद के उम्मीदवार होंगे: केशव मौर्य
Image Source: Google

जब उनसे पूछा गया कि यदि मोदी राजग को जीत दिलाने में विफल रहे तो क्या भाजपा उनके लिए मैदान में उतरेगी तो उन्होंने कहा ,‘‘लोगों को केवल उन (मोदी) पर ही भरोसा है।’

कोलकाता। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी ही भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे क्योंकि उनके नेतृत्व के गुण ‘‘बेजोड़’’ हैं।मौर्य ने कहा कि मोदी ही भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, भले ही सत्तारूढ़ राजग लोकसभा चुनावों में बहुमत से कुछ दूर रह जाये।उन्होंने हालांकि कहा कि भाजपा 2014 चुनाव के मुकाबले इस बार अपना प्रदर्शन सुधारेगी और पार्टी 300 सीटों के आंकड़े को पार करेगी। उन्होंने दावा किया कि राजग 400 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगा। राम मंदिर मुद्दे पर मौर्य ने कहा कि केंद्र मंदिर के निर्माण में आने वाली सभी ‘‘बाधाओं को दूर’’ कर देगा। मौर्य ने हाल में पश्चिम बंगाल की अपनी यात्रा के दौरान कहा, ‘‘2014 में हमने 282 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन 2019 में भाजपा अकेले ही 300 के आंकड़े को पार करेगी। हमारे राजग के सहयोगियों को मिलाकर हम मोदी के नेतृत्व में 400 के आंकड़े को पार करेंगे।’’ 

जब उनसे पूछा गया कि यदि मोदी राजग को जीत दिलाने में विफल रहे तो क्या भाजपा उनके लिए मैदान में उतरेगी तो उन्होंने कहा ,‘‘लोगों को केवल उन (मोदी) पर ही भरोसा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को बहुमत नहीं मिलेगा यह एक कल्पना है। जो लोग ममता बनर्जी की तरह खुद को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वे केवल यह सपना देख सकते हैं कि मोदी को बहुमत नहीं मिलेगा। जबकि तथ्य यह है कि मोदी जी को भारी बहुमत के साथ फिर से प्रधानमंत्री चुना जाएगा।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा के पास इस पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार है तो मौर्य ने कहा, ‘‘लोग केवल मोदी जी पर ही भरोसा करते है। वह एक नए युग के संस्थापक हैं। उनका नेतृत्व बेजोड़ है।’’ मौर्य ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब यह अटकलें तेज हैं कि आरएसएस के करीबी माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राजग को बहुमत न मिलने पर मोदी की जगह ले सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो लगभग सभी दलों की पसंद गडकरी छोटे दलों और उन क्षेत्रीय नेताओं का समर्थन जुटाने में सफल रहेंगे जो वर्तमान प्रधानमंत्री का समर्थन नहीं करना चाह रहे हैं। 
 


 
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बारे में मौर्य ने कहा कि बाबर के नाम के साथ अंकित ईंटों को राम जन्मभूमि स्थल पर अनुमति नहीं दी जाएगी।विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल के आसपास अधिग्रहित अविवादित भूमि को उनके मूल मालिकों को लौटाने के लिए केन्द्र द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर की गई अर्जी पर मौर्य ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निर्णय सरकार के पक्ष में आयेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद हैं कि निर्णय हमारे पक्ष में आयेगा। लेकिन यदि फैसला हमारे पक्ष में नहीं आया तो इसके बाद कई अन्य कानूनी विकल्प है लेकिन राम मंदिर वहीं बनेगा।’’ उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण आस्था से जुड़ा है और यह भाजपा के लिए राजनीति नहीं है।यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार लोकसभा चुनाव से पहले राममंदिर के निर्माण के लिए कदम उठायेगी तो उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण साधुओं और श्रद्धालुओं का निर्णय है और सरकार केवल ‘‘रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी।’’ जब उनसे पूछे गया कि क्या कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी के रूप में प्रियंका गांधी वाड्रा की नियुक्ति लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण कारक रहेगी, तो मौर्य ने कहा कि इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और विपक्षी पार्टी राज्य में अपना खाता नहीं खोल पायेगी।मौर्य ने कहा कि वैचारिक रूप से बेमेल समाजवादी पार्टी और बसपा ने मोदी के ‘‘डर’’ से उत्तर प्रदेश में गठबंधन बनाया है।
 

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story

Related Video