मुझे PM आवास के बाहर नमाज और हनुमान चालीसा पढ़ने दें, NCP नेता ने गृह मंत्री से मांगी अनुमति

मुझे PM आवास के बाहर नमाज और हनुमान चालीसा पढ़ने दें, NCP नेता ने गृह मंत्री से मांगी अनुमति
प्रतिरूप फोटो
ANI Image

लाउडस्पीकर और अजान से गर्मायी सियासत हनुमान चालीसा पर आकर ठहर गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता फहमीदा हसन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब वह दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हनुमान चालीसा और नमाज पढ़ेंगे और इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर अनुमति मांगी है।

नयी दिल्ली। महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर और अजान की लड़ाई अब हनुमान चालीसा पर आकर ठहर आ गई है और इसको लेकर जमकर बवाल हो रहा है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता फहमीदा हसन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब वह दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हनुमान चालीसा और नमाज पढ़ेंगे और इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर अनुमति मांगी है। 

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Newsroom। किरीट सोमैया पर हुए हमले को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने गृह सचिव से की मुलाकात 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एनसीपी नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर उन्हें हनुमान चालीसा और नमाज पढ़ने के लिए समय और दिन बताया जाए।

पत्र में क्या कुछ लिखा ?

उन्होंने पत्र कुछ इस अंदाज में लिखा है कि मैं फहमीदा हसन खान कांदिवली मुंबई महाराष्ट्र से आपसे निवेदन करती हूं मुझे हमारे प्रिय भारत देश के लाडले प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के आवास के बाहर नमाज, हनुमान चालीसा, नवकार मंत्र, गुरु ग्रंथ और नोविनो पढ़ने की अनुमति दी जाए। कृपया दिन और समय आप मुझे बताएं। 

इसे भी पढ़ें: हनुमान चालीसा के मुद्दे पर बोले मल्लिकार्जुन खड़गे, महाराष्ट्र में परेशानी पैदा कर सरकार गिराने की हो रही कोशिश ! 

गौरतलब है कि अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद शुरू हुआ विवाद काफी ज्यादा गर्मा गया है। नवनीत राणा और उनके पति की गिरफ्तारी हो चुकी है और रविवार को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।