NDA के Mangal Milan में छाया तिरंगा, संसद परिसर में छिड़ा संग्राम, NDA Vs INDI के बीच जबरदस्त तकरार

प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।
संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी पड़ाव पर है और मंगलवार को सत्ता के गलियारे में NDA का साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ हुआ। संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत NDA के तमाम सांसद और वरिष्ठ नेता तिरंगा लहराते नजर आए। माहौल में ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे तो सियासत का संदेश भी साफ था कि सत्र के बचे दो दिन सरकार पूरी ताकत से मैदान में रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। यानी तस्वीर में तिरंगा था, लेकिन उसके पीछे अगले 48 घंटों की संसदीय रणनीति भी थी।
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दरअसल, यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि यह मानसून सत्र के दौरान NDA की आखिरी साप्ताहिक संसदीय बैठक है। सत्र गुरुवार को समाप्त हो जाएगा। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन-सा विधेयक पारित होगा, बल्कि असली परीक्षा यह है कि सरकार विपक्ष के हंगामे के बीच अपने विधायी एजेंडे को कितना आगे ले जा पाती है।
देखा जाये तो मानसून सत्र अब तक विपक्ष के लगातार विरोध और सदन में व्यवधान के कारण सुर्खियों में रहा है। विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन ने कई बार कार्यवाही की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। सरकार भी महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को लेकर विपक्ष के तीखे प्रतिरोध का सामना करती रही है। ऐसे में संसद के पास बचे सिर्फ दो दिन सियासी और संसदीय, दोनों मोर्चों पर बेहद अहम हैं।
इस बीच, संसद के भीतर बहस पर ब्रेक और बाहर पोस्टर-नारेबाजी ने आज NDA और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के बीच सियासी तापमान और बढ़ा दिया। NDA सांसद संसद पुस्तकालय से मकर द्वार की ओर मार्च करते हुए हाथों में तख्तियां लिए विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाते रहे। ‘राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘राहुल गांधी भागो मत’ जैसे नारों के बीच सत्ता पक्ष का कहना था कि सरकार झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन के भीतर चर्चा करने की बजाय बाहर सियासी प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। दोनों खेमे संसद परिसर में आमने-सामने आए तो सुरक्षा बलों को बीच में घेरा बनाना पड़ा।
उधर, आज एनडीए के ‘मंगल मिलन’ में फ्लोर कोऑर्डिनेशन, लंबित विधायी कामकाज, महत्वपूर्ण बहसों और विधेयकों को अंतिम दौर में पारित कराने की रणनीति पर फोकस रहा। हम आपको बता दें कि NDA के लिए यह बैठक सहयोगी दलों को एक सुर में साधने और विपक्ष के शोर के बीच सरकार की लाइन स्पष्ट रखने का मंच है। अब देखना यह है कि ‘मंगल मिलन’ में बनी रणनीति गुरुवार तक संसद के पटल पर कितनी सफल होती है। तिरंगा लहराकर NDA ने एकजुटता की तस्वीर तो दिखा दी है, अब आखिरी दो दिन उस तस्वीर को संसदीय नतीजे में बदलने की परीक्षा है।
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