इतिहास के गौरव का प्रतीक होगी इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा, कहां से लाया जाएगा पत्थर और कौन इसे तराशेगा, जानें हर जानकारी

इतिहास के गौरव का प्रतीक होगी इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा, कहां से लाया जाएगा पत्थर और कौन इसे तराशेगा, जानें हर जानकारी

इंडिया गेट के सामने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रस्तावित भव्य मूर्ति उस मंडप में लगेगी, जहां साठ के दशक में कभी किंग जॉर्ज पंचम की प्रतिमा होती थी। इसे राष्ट्रीय आधुनिक कला गैलरी के महानिदेशक अद्वैत गडनायक द्वारा तराशा जाएगा।

अमर जवान ज्योति विवाद के बीच प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि इंडिया गेट पर भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रस्तावित भव्य मूर्ति लगेगी। यह इंडिया गेट के सामने उस मंडप में लगेगी, जहां साठ के दशक में कभी किंग जॉर्ज पंचम की प्रतिमा होती थी। इसे राष्ट्रीय आधुनिक कला गैलरी के महानिदेशक अद्वैत गडनायक द्वारा तराशा जाएगा। पीएम रविवार को उसी जगह नेताजी सुभाष की मूर्ति के होलोग्राम का अनावरण करेंगे। यह होलोग्राम तब तक रहेगा, जब तक नेताजी की मूर्ति तैयार नहीं हो जाती है। नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा 28 फुट ऊंची और 6 फुट चौड़ी होगी। 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि ऐसे वक्त में जब देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। मुझे आपसे ये साझा करते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइड की बनी उनकी एक भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी की विशाल प्रतिमा पूरी होने तक उसी जगह पर उनकी हेलोग्राम प्रतिमा को लगाया जाएगा। मैं 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा। 

इसे भी पढ़ें: क्या है अमर जवान ज्योति और इसके वॉर मेमोरियल में विलय पर क्यों हो रहा विवाद? जानें पूरे मामले की असल सच्चाई

 25 फुट लंबी होगी प्रतिमा

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक अद्वैत गडनायक ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर लगाये जाने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रस्तावित प्रतिमा 25 फुट ऊंची होगी और ग्रेनाइट पत्थर से बनेगी। गडनायक ने नेताजी की प्रतिमा बनाने का मौका मिलने पर अपनी खुशी प्रकट की। ओडिशा में पैदा हुए गडनायक मूर्ति बनाने का अवसर पाकर बहुत खुश हैं। गडनायक ने कहा कि मै खुश हूँ। एक मूर्तिकार के रूप में यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे यह जिम्मेदारी देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि स्थापित होने के बाद प्रतिमा रायसीना हिल्स से भी दिखाई देगी। नेताजी की प्रतिमा को तराशने के लिए तेलंगाना से काला जेड ग्रेनाइट पत्थर लाया जाएगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने पहले ही प्रतिमा का डिजाइन तैयार कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिमा को एक छत्र के नीचे स्थापित किया जाएगा, जिसमें पहले किंग जॉर्ज पंचम की प्रतिमा को 1968 में हटाए जाने तक रखा गया था। गडनायक ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ ही प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। यह प्रतिमा नेताजी के मजबूत किरदार का दर्शन कराएगी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।