योगी सरकार की पहल पर पीजीआई में शरूु हुई नई ट्रॉमा यूनिट

योगी सरकार की पहल पर पीजीआई में शरूु हुई नई ट्रॉमा यूनिट
प्रतिरूप फोटो
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योगी सरकार बेहतर च‍िकित्सीय सविुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। एक ओर प्रदेश सरकार जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के बड़े अस्पतालों में च‍िकित्सीय सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। इमरजेंसी सेवाएं देने के उद्देश्य से एसजीपीजीआई में इमरजेंसी विभाग और ट्रामा सेंटर की शुरुआत की जा चुकी है।

लखनऊ। 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश मेंहेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और सविुविधाओं में तेजी सेबढ़ोतरी करने वाली योगी सरकार बेहतर च‍ि कि त्सीय सविुविधा देनेके लि ए प्रति बद्ध है। एक ओर प्रदेश सरकार जि लों मेंमेडि कल कॉलेज की स्थापना कर रही हैतो वहीं दसूरी ओर प्रदेश के बड़े अस्पतालों में च‍िकित्सीय सेवाओं के विस्तार पर जोर देरही है। प्रदेशवासियों को बेहतर इमरजेंसी सेवाएं देनेके उद्देश्य सेलखनऊ के एसजीपीजीआई मेंइमरजेंसी वि भाग और ट्रामा सटें र की शरूु आत की जा चकुी है। 

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पिछली सरकारों में ट्रामा सेंटर केवल केजीएमयू में था जिसके कारण लगातार बेड की समस्या व इलाज नहींमि ल पाता था और रेफरल केसों का सबसेअधि क भार केजीएमयूपर पड़ता था। ऐसेमेंयोगी सरकार की पहल पर ट्रॉमा सटें र की सेवा पीजीआई मेंशरूु होनेसेलखनऊ समेत दसू रेजि लों से इलाज के लि ए एसजीपीजीआई आनेवालेमरीजों को काफी राहत मि लेगी। तकनीक के साथ कदमताल करतेहुए जटि ल ऑपरेशन और प्रत्यारोपण जैसी सेवाओं को अस्पताल मेंऔर भी मजबतू कि या जा रहा है। सजं य गांधी पोस्ट इंस्टीट्यटू ऑफ मेडि कल सांइसेज (एसजीपीजीआई) मेंनवबं र के मध्य तक मरीजों को दी जानेवाली सविुविधाओं मेंइजाफा करतेहुए ट्रामा सटें र की शरूु आत हो चकुी है। जल्द ही अस्पताल में210 बेड का इमरजेंसी वि भाग भी शरूु हो जाएगा।

अस्पताल में 68 बेड का ट्रामा सटें र शरूु होनेसे मरीजों को भर्ती सेजड़ुी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। एसजीपीजीआई मेंदसू रेजि लों सेमरीज इलाज के लि ए आतेहैं। ऐसे में जल्द ही तैयार होनेवालेइमरजेंसी वि भाग सेभी मरीजों को सीधेतौर पर लाभ मि लेगा। उनको दसू रेअस्पतालों के बि ना चक्कर काटेबेहतर सविुविधाएंमि लेंगी। पीजीआई के नि देशक डॉ आरके धीमान नेबताया कि अस्पताल मेंदोनों सविुविधाएंमि लनेसेमरीजों को सीधेतौर पर लाभ मि लेगा। जल्द तैयार होने वाले इमरजेंसी विभाग में पर्याप्त संख्या में बेड होने से रेफरल व स्थानीय मरीजों की भर्ती प्रक्रिया आसान हो जाएगी। 

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इमरजेंसी सेवाएं हुई बेहतर एसजीपीजीआई के साथ ही केजीएमयू में सबसे ज्यादा इमरजेंसी भर्तियां की जाती हैं। यहां तीन स्थानों पर इमरजेंसी भर्ती हो रही है। ट्रामा सटें र, क्वीनमेरी और लॉरी कॉर्डियर्डिलॉजी वि भाग मेंअलग इमरजेंसी सेवाओं का संचालन हो रहा है। इसके बाद बलरामपरु अस्पताल और सि वि ल अस्पताल मेंइमरजेंसी सेवाएं मि लनेसेमरीजों को समय पर इलाज मि ल रहा है। इमरजेंसी वि भाग मेंपर्या प्त सख्ं या मेंबेड होनेसेगभं ीर मरीजों का इलाज आसानी सेहो रहा है।





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