NIA की अर्जी पर Bombay High Court का फैसला, Antilia Case में Sachin Vaze की जमानत पर रोक

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 के एंटीलिया बम मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मिली ज़मानत पर अंतरिम रोक लगा दी है। एनआईए द्वारा स्पेशल कोर्ट के ज़मानत आदेश को चुनौती देने के बाद हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया। इस रोक के चलते सचिन वाजे की जेल से रिहाई फिलहाल रुक गई है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को 2021 के एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को ज़मानत देने वाले स्पेशल कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट का यह आदेश नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा 29 सितंबर के ज़मानत आदेश को चुनौती देने के बाद आया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और नीला गोखले की बेंच ने NIA की अपील को 7 अक्टूबर के लिए लिस्ट किया और वाजे को नोटिस जारी किया। उन्हें अभी जेल से रिहा नहीं किया गया है क्योंकि उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई हैं।
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हाई कोर्ट ने वाज़े की ज़मानत के आदेश पर रोक लगाई
कोर्ट ने कहा कि हम स्पेशल कोर्ट के 29 सितंबर के आदेश पर अंतरिम रोक लगा रहे हैं। राज्य के अधिकारी हमारे आदेश की जानकारी तुरंत संबंधित जेल अधिकारियों को दें। हाई कोर्ट ने NIA की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। सिंह ने तर्क दिया कि स्पेशल कोर्ट ने वाज़े को ज़मानत देने में गलती की थी। इससे पहले दिन में जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस आशीष चव्हाण की बेंच ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद NIA ने यह मामला जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच के सामने रखा। स्पेशल कोर्ट ने 29 सितंबर को वाज़े को ज़मानत दी थी। इसके बाद NIA ने इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया।
एंटीलिया बम की धमकी वाला मामला क्या है?
25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से भरी एक SUV मिली थी। बिज़नेसमैन मनसुख हिरेन, जिनके पास चोरी होने से पहले यह SUV थी, 5 मार्च 2021 को पड़ोसी ठाणे की एक खाड़ी में मृत पाए गए। NIA ने 13 मार्च 2021 को वाज़े को गिरफ़्तार किया। बाद में उन्हें भ्रष्टाचार के एक अलग मामले में आरोपी बनाया गया, जिसकी जांच CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहे थे। भ्रष्टाचार के मामले में वाज़े को पहले ही ज़मानत मिल चुकी है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की अंतरिम रोक के कारण एंटीलिया बम की धमकी वाले मामले में उनकी रिहाई अभी रुकी हुई है।
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