बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिलने पर नीतीश ने Prime Minister Modi पर परोक्ष रूप से निशाना साधा

Nitish
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अपने राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम ‘समाधान यात्रा’ के तहत बक्सर जिले में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने मोदी का उल्लेख परोक्ष रूप से करते हुए कहा कि विकसित राज्य से आनेवाले लोग दूसरे राज्य की बात को समझ ही नहीं रहे हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र के इनकार पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। अपने राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम ‘समाधान यात्रा’ के तहत बक्सर जिले में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने मोदी का उल्लेख परोक्ष रूप से करते हुए कहा कि विकसित राज्य से आनेवाले लोग दूसरे राज्य की बात को समझ ही नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे जहां से आये हैं वह राज्य शुरु से ही विकसित था। मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि पहले कई पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया वैसे ही अब भी देना चाहिए। सभी पिछड़े राज्य विकसित हो जायेंगे तो देश विकसित हो जायेगा। नीतीश ने कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो इसका काफी विकास हो जाता। उन्होंने कहा कि अभी कई काम बिहार सरकार को खुद करना पड़ता है, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो बिहार की तरक्की कल्पना से परे होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने के बावजदू उनकी सरकार बिहार का विकास कर रही है। जदयू के शीर्ष नेता ने छह महीने से भी कम समय पहले भाजपा के साथ गठबंधन को तोड़ दिया था। नीतीश ने अपने तेलंगाना समकक्ष के चंद्रशेखर राव द्वारा आयोजित उस बैठक के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसे भाजपा के खिलाफ एक वैकल्पिक मोर्चा तैयार करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है और इसमें कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, बिहार में कांग्रेस सत्तारूढ़ महागठबंधन का एक घटक दल है।

प्रमुख सहयोगी दल राजद द्वारा अपने विधायक सुधाकर सिंह के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में नीतीश ने मुस्कुराते हुए केवल इतना कहा कि वो तो ठीक ही है, सब बातें आप लोगों को मालूम ही है। सुधाकर लगातार नीतीश के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे। राजद के एक अन्य नेता चंद्रशेखर, जो राज्य के शिक्षा मंत्री हैं, की रामचरितमानस के बारे में विवादास्पद टिप्पणी से उपजे विवाद के बारे में एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए नीतीश ने कहा कि यह बहुत गलत बात है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में बहस नहीं करनी चाहिए, अपने-अपने धर्मों को मानने के लिए सभी को अधिकार है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के द्वारा माफी नहीं मांगने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गलत है और उनकी पार्टी के लोगों ने ही सभी बातों को कह दिया है। मुख्यमंत्री ने राजद के एक अन्य मंत्री सुरेंद्र यादव की टिप्पणी (जिसमें उन्होंने भाजपा की आलोचना की थी) के बारे में कहा कि कौन क्या बोलता है इस पर उनका कोई ध्यान नहीं है और वह अभी घूम रहे हैं। सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव ने मंगलवार को पुलवामा आतंकवादी हमले के परोक्ष संदर्भ में आरोप लगाया था कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए पहले ही सशस्त्र बलों पर हमले की योजना बना ली थी और इस बार यह किसी और देश पर हमला कर सकती है।

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