दीवाली पर कुम्हारों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों से नहीं लिया जाएगा कर या शुल्क

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प्रतिरूप फोटो

अधिकारीयों के अनुसार कुम्हारों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े और वह सुविधाजनक रूप से सामग्रियों का विक्रय कर सकें, इसलिए मुख्यमंत्री ने इन्हें पूरा सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कुम्हारों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों से कर या शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीपावली के अवसर पर कुम्हारों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों से कोई भी कर या शुल्क नहीं लेने तथा उन्हें पूरा सहयोग और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है।

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अधिकारियों ने बताया कि कुम्हारों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों द्वारा दीपावली के मौके के लिए विशेष रूप से तैयार की गई सामग्रियों की बिक्री के लिए स्टॉल, दुकानें लगाई जाती हैं।

कुम्हारों द्वारा दीए, दीप, मूर्तियों तथा स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरों द्वारा अनेक सजावटी सामानों की बिक्री की जाती है। इन लोगों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े और वह सुविधाजनक रूप से सामग्रियों का विक्रय कर सकें, इसलिए मुख्यमंत्री ने इन्हें पूरा सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आज लखनऊ प्रवास पर रवाना होने से पहले यह आदेश जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने आम जनता से अपील की है कि वह दीपावली के मौके पर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार सामग्रियों का क्रय कर उन्हें भी अपनी खुशियों में शामिल करने की पहल करें।

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डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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