पीठ में छुरा घोंपने वालों को भारत नहीं खिलाता मिठाई, पाकिस्तान को ऐसे किया अनदेखा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2020   10:09
पीठ में छुरा घोंपने वालों को भारत नहीं खिलाता मिठाई, पाकिस्तान को ऐसे किया अनदेखा

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय एवं पाकिस्तानी बल आमतौर पर अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवसों एवं उत्सवों पर मिठाइयां बांटते और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन केंद्रशासित प्रदेश में आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन और लगातार संघर्षविराम उल्लंघनों के कारण पिछले कुछ साल से इस परम्परा का पालन नहीं किया जा रहा है।

जम्मू। पाकिस्तान की सेना द्वारा पुंछ में भारतीय सेना के एक पोर्टर का सिर कलम किए जाने की हालिया घटना के कारण बढ़े तनाव के बीच गणतंत्र दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी बलों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय एवं पाकिस्तानी बल आमतौर पर अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवसों एवं उत्सवों पर मिठाइयां बांटते और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन केंद्रशासित प्रदेश में आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन और लगातार संघर्षविराम उल्लंघनों के कारण पिछले कुछ साल से इस परम्परा का पालन नहीं किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: चुनावी जीत के लिए संघर्ष करने वालों को भी यह महसूस हो कि वो सरकार का अहम हिस्सा हैं: पायलट

उन्होंने कहा कि इस साल भी गणतंत्र दिवस पर मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं हुआ। पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने पुंछ जिले के गुलपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक हमले में 10 जनवरी को सेना के पोर्टर मोहम्मद असलम (28) का सिर कलम कर दिया था और तीन अन्य लोगों को घायल कर दिया था। इस बीच, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने सीमा के पास विभिन्न शिविरों और जम्मू के आंतरिक इलाकों में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया। 

इसे भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस समारोह में कमलनाथ के पहुंचने से पहले दो कांग्रेस नेताओं में हाथापाई

इसे भी पढ़ें- 26 जनवरी: राष्ट्र के महापर्व के लिए स्कूल के बच्चे हैं उत्साहित





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।