Odisha Flood: नदियों का जलस्तर घटने से स्थिति में सुधार, 303 गांवों में राहत कार्य जारी

ओडिशा में प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बाद बाढ़ की स्थिति सुधरने लगी है। इसके बावजूद बालासोर और जाजपुर जिलों के 303 गांवों में लगभग दो लाख लोग अब भी जलभराव से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन कर्मियों की 28 टीमें राहत व बचाव के लिए तैनात की हैं।
भुवनेश्वर, चार सितंबर ओडिशा में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने लगा। हालांकि, राज्य के दो जिलों के 303 गांवों में अब भी करीब दो लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिले के 241 गांवों में 1,90,974 लोग और जाजपुर जिले के 62 गांवों में 7,745 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार मयूरभंज, क्योंझर, केंद्रापड़ा और भद्रक समेत अन्य जिलों में भी राहत और बचाव अभियान चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों तक नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के लिए प्रभावित इलाकों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवा के कर्मियों की 28 टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बालासोर जिले में 111 और जाजपुर जिले में 22 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, बालासोर जिले में 16,582 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में ठहराया गया है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा, “राज्य की किसी भी प्रमुख नदी में अब बाढ़ की स्थिति नहीं है।” जल संसाधन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, बालासोर जिले में भारी तबाही मचाने वाली सुवर्णरेखा नदी, जिसकी वजह से करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए, राजघाट में 10.36 मीटर के खतरे के निशान से नीचे बह रही थी और जलस्तर लगातार घट रहा था। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने शाम के बुलेटिन में कहा कि आठ सितंबर तक ओडिशा के किसी भी हिस्से के लिए बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ एक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
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