राज्यवर्धन सिंह राठौर के जन्मदिन पर उनके स्पोर्ट्स और राजनीतिक करियर के बारे में जानिए

राज्यवर्धन सिंह राठौर के जन्मदिन पर उनके स्पोर्ट्स और राजनीतिक करियर के बारे में जानिए

राजपूत समाज से आने वाले राज्यवर्धन सिंह के पिता का नाम लक्षम्ण सिंह राठौर है जो कि सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पहली बार बीए, इंस्ट्रक्टर-वेपन्स (एमएमजी, एजीएल, स्मॉल आर्म्स), ग्रेडिंग टैक्टिक्स (वाईओ) कोर्स में शिक्षा ली। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे और इन्फैंट्री स्कूल, महू में शिक्षा प्राप्त की।

राज्यवर्धन सिंह राठौर का जन्म 29 जनवरी 1970 को राजस्थान के जैसलमेर में हुआ था। राजपूत समाज से आने वाले राज्यवर्धन सिंह के पिता का नाम लक्षम्ण सिंह राठौर है जो कि सेना से सेवानिवृत्त हैं। राज्यवर्धन प्रसिद्ध निशानेबाज का विभिन्न क्षेत्रों में बहुत लंबा करियर है। उन्होंने पहले भारतीय सेना में देश की सेवा की, फिर ओलंपिक में निशानेबाज के रूप में देश के लिए खेले और फिर खेल मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने पहली बार बीए, इंस्ट्रक्टर-वेपन्स (एमएमजी, एजीएल, स्मॉल आर्म्स), ग्रेडिंग टैक्टिक्स (वाईओ) कोर्स में शिक्षा ली। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे और इन्फैंट्री स्कूल, महू में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 16 फरवरी 1997 को गायत्री राठौर से शादी की है। वह भारतीय सेना में डॉक्टर हैं। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में भी भाग लिया। जहां उन्हें सिख रेजिमेंट स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया और पाठ्यक्रम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किया गया।

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राज्यवर्धन सिंह राठौर स्पोर्ट्स करियर

सन् 2004 में राठौर द्वारा “एथेंस ओलंपिक” में पुरुषों के डबल ट्रैप स्पर्धा में देश के लिए रजत पदक जीतने के बाद लोकप्रियता मिली। 2004 में, उन्होंने सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में विश्व शूटिंग चैंपियनशिप जीती। उनकी जीत आगे भी जारी रही और 2006 में, उन्होंने मेलबर्न में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता और उसी साल काहिरा में आयोजित विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में एक और स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने भारतीय सेना अकादमी में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होने के नाते राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, सिख सैन्य दल स्वर्ण पदक और भारत के राष्ट्रपति द्वारा उनकी असाधारण सेवाओं के लिए ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ के रूप में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सर्वोच्च सम्मान प्राप्त किए हैं। 

राज्यवर्धन सिंह राठौर का राजनीतिक करियर

2013 में, वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्ति लेने के बाद भाजपा में शामिल हो गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें पार्टी द्वारा टिकट दिया गया और वे जयपुर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य बने। मोदी सरकार में बीजेपी ने उन्हें सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री बनने का मौका भी दिया। 2017 में उन्होंने युवा मामले और खेल मंत्रालय के लिए स्वतंत्र प्रभार संभाला। मई 2018 में, वह सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने।

राज्यवर्धन सिंह राठौर की उपलब्धियां

2005 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया और भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। वह अर्जुन पुरस्कार के प्राप्तकर्ता भी हैं। 2004 में उन्हें "खेल रत्न पुरस्कार" से सम्मानित किया गया था। 2003, 2004, 2005, 2006 और 2011 की एशियाई क्ले टारगेट चैंपियनशिप में डबल ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में प्रत्येक में पांच स्वर्ण पदक।





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