सीमावर्ती इलाकों में उठ रहा एक ही सवाल, क्या युद्ध होकर रहेगा?

सीमावर्ती इलाकों में उठ रहा एक ही सवाल, क्या युद्ध होकर रहेगा?

पंजाब से सटे जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले की पहाड़पुर सीमा चौकी से लेकर अखनूर के छम्ब सेक्टर तक सीमा के उस पार पाक सेना के टैंक डिवीजनों की तैनाती को देख भारतीय पक्ष चिंतित है।

जम्मू। पाकिस्तानी सेना पूरी तरह से युद्ध की तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उसकी रक्षा खाई पर जहां उसके टैंकों को धूल उड़ाते हुए देखा जा सकता है वहीं चिकन नेक, छम्ब तथा राजौरी पुंछ के सेक्टरों में मोर्चा संभालने वाले नए ब्रिगेडों की हरकतों को देख यह बात छुपी नहीं रह सकती कि पाक सेना अपने नापाक इरादों को पूरा करने की तैयारी में जुटी है। हालांकि भारतीय पक्ष की ओर से भी समुचित उत्तर देने की तैयारी है। पंजाब से सटे जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले की पहाड़पुर सीमा चौकी से लेकर अखनूर के छम्ब सेक्टर तक सीमा के उस पार पाक सेना के टैंक डिवीजनों की तैनाती को देख भारतीय पक्ष चिंतित है। सिर्फ टैंक डिवीजन ही नहीं बल्कि इस क्षेत्र में पाक सेना के दो ब्रिगेड भी तैनात हुए हैं पिछले एक सप्ताह के भीतर। नतीजतन सीमा के इस ओर का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

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दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पाकिस्तान से सटी 1202 किमी लम्बी सीमा पर इस समय पूरी तरह से युद्ध का माहौल है। सिर्फ माहौल ही नहीं बल्कि पाक सेना के साथ कई स्थानों पर सच में युद्ध हो रहा है। इसे युद्ध ही तो कहा जाएगा जिसमें पाक सेना भारतीय चौकिओं हवाई हमले भी कर चुकी है और भयानक गोलाबारी कर भारतीय पक्ष को मजबूर कर रही है कि वह उसे करारा जवाब दे। युद्ध की तैयारी दोनों तरफ से है। सैनिक सूत्रों के अनुसार, 264 किमी लम्बी जम्मू सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी टैंक डिवीजनों की मौजूदगी के साथ ही तैनात किए गए सेना के दो ब्रिगेड अपने इलाके में उकसाने वाली कार्रवाईयां कर रहे हैं। सीमा पार के पाक गांव पूरी तरह से खाली करवाए जा चुके हैं तथा ब्लैकआउट के बीच सारा क्षेत्र भूतहा लगता है।

ठीक इसी प्रकार की स्थिति एलओसी पर भी है। अंतर सिर्फ इतना है कि एलओसी पर पाक सेना प्रतिदिन नए मोर्चे खोलती जा रही है। जहां परसों उसने राजौरी, पुंछ में भारतीय चौकिओं पर हमले किए वहीं आज उसके निशाने उड़ी में भी गोलाबारी कर अपने इरादों को स्पष्ट कर दिया। पाक सेना की तैयारियों में उसकी वायुसेना भी पूरी मदद कर रही है। सिर्फ मदद ही नहीं कर रही है बल्कि एक सप्ताह के भीतर वह कई बार भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन भी कर चुकी है। गौरतलब है कि पाक वायुसेना के विमान जम्मू के आरएस पुरा, राजौरी, पुंछ सैक्टरों के साथ साथ करनाह, उड़ी में भारतीय क्षेत्रों का चक्कर काट कर वापस लौट चुके हैं। जबकि कल तो उसने पुंछ व राजौरी में हवाई हमले भी किए।

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पाक सेना व वायुसेना की इन तैयारियों का मुहंतोड़ उत्तर देने के लिए भारतीय पक्ष ने भी तैयारी की है। लेकिन उसने युद्ध की तैयारी नहीं बल्कि अपनी भूमि की रक्षा करने के लिए तैयारी की है तभी तो भारतीय सेना अभी द्वितीय रक्षापंक्ति पर तैनात है जम्मू सेक्टर में तो टैंक डिवीजन तैनाती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह अवश्य है कि एलओसी पर भारतीय सेना पाक सेना को मुहंतोड़ उत्तर दे रही है। एलओसी पर सेना की तैनाती कोई नई नहीं है क्योंकि वह 1947 से ही वहां तैनात है परंतु इतना अवश्य है कि पाक सेना की तैयारियों में रिजर्व सैनिकों की संख्या का इजाफा हुआ है जिन्हें उसने तैनात कर दिया है।

अभी भी अधिकतर लोग सीमा क्षेत्रों में डटे हुए हैं। वे मानते हैं कि अगर युद्ध हुआ भी तो 10 से 20 दिन का समय लग जाएगा क्योंकि उनकी नजरों में युद्ध से पहले जो वाक्युद्ध हो रहा है वह असल में दोनों पक्षों द्वारा अपनी अपनी फौजों की तैयारी के लिए किया जा रहा है। इतना जरूर है कि सीमा क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो चुकी है। आधिकारिक तौर पर रात को अघोषित कर्फ्यू लगाया जा चुका है। लोग अपने घरों में दुबके संचार माध्यमों पर युद्ध क्षेत्र की खबरों को सुन व देख रहे हैं। सभी को बस एक ही चिंता है कि युद्ध होने की स्थिति में उनका क्या होगा क्योंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं।





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