केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति अभिभाषण के बहिष्कार को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- ये कौन-सी परंपरा है ?

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति अभिभाषण के बहिष्कार को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- ये कौन-सी परंपरा है ?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये कौन सी परंपरा है? यह आचरण बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये अहंकार ठीक नहीं है। देश की संसदीय परंपरा का उल्लंघन हुआ है। हम इस पर गंभीर रोष प्रकट करते हैं।

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ संसद के बजट सत्र 2021-22 की शुरुआत हो गई। हालांकि, राष्ट्रपति के अभिभाषण का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया। विपक्ष के इस बहिष्कार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि ये कौन सी परंपरा है ?

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कौन सी परंपरा है? यह आचरण बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये अहंकार ठीक नहीं है। देश की संसदीय परंपरा का उल्लंघन हुआ है। हम इस पर गंभीर रोष प्रकट करते हैं। यह संसदीय परंपरा का अनादर है और हम इसे बिल्कुल अनुचित मानते हैं। 

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वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण गैर-राजनीतिक होता है इसमें शामिल होना चाहिए। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि वो इसका बहिष्कार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस, शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस समेत देश के 20 से अधिक विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए शुक्रवार को संसद में होने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण का बहिष्कार किया।





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