West Asia पर PM Modi के भाषण से विपक्ष नाखुश, संजय राउत बोले- प्रधानमंत्री हताश दिख रहे थे

Sanjay Raut
ANI
अंकित सिंह । Mar 24 2026 12:27PM

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी के लोकसभा भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री निराश और नियंत्रण खोए हुए लग रहे थे। राउत ने मोदी के देर से बोलने पर सवाल उठाया और राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन करते हुए इस गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत बहस की मांग की।

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 24 मार्च को पश्चिम एशिया संघर्ष के संबंध में लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नियंत्रण खो चुके और निराश प्रतीत हो रहे थे। एएनआई से बात करते हुए राउत ने कहा कि मोदी युद्ध शुरू होने के 25 दिन बाद सदन में आए और उनकी बॉडी लैंग्वेज, हाव-भाव और भाषण को देखकर साफ पता चलता है कि वे अवसादग्रस्त हैं। राउत ने आगे कहा कि मोदी जी ने अपना आपा खो दिया है और ऐसा लगता है कि वे ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहना चाहते। मोदी खुद ही सत्ता छोड़ देंगे।

इसे भी पढ़ें: Delhi Assembly Bomb Threat | राजधानी में हाई अलर्ट! दहल उठी दिल्ली विधानसभा, स्पीकर और सीएम को मिली बम से उड़ाने की धमकी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मोदी के 25 मिनट के भाषण पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में राउत ने कहा कि इस गंभीर संकट के समय भाषण में अपेक्षित स्पष्टता नहीं दी गई। उन्होंने जोर दिया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपने खुद कहा कि कोरोना के दौरान जैसी स्थिति थी, वैसी फिर से लौट सकती है। अगर आप जनता और देश को किसी गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी देना चाहते हैं, तो बहस होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया के हालात को संभालने के मोदी के तरीके की आलोचना करते हुए उन पर अपने भाषण में अमेरिका का नाम न लेने का आरोप लगाया और दावा किया कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। वडोदरा में आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में गांधी ने कहा कि मैंने सुना है कि प्रधानमंत्री ने 25 मिनट का भाषण दिया। लेकिन मैं गारंटी देता हूं कि वे संसद में किसी बहस में हिस्सा नहीं ले सकते क्योंकि वे समझौता कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी ने 25 मिनट तक भाषण दिया लेकिन अमेरिका के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। नरेंद्र मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में हैं।

इसे भी पढ़ें: रामगोपाल की PM Modi को सलाह, US-Israel से दोस्ती का लाभ उठाकर West Asia का युद्ध रोकें

सोमवार को लोकसभा में अपने संबोधन में मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष को "चिंताजनक" बताया और भारत पर इसके संभावित आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युद्धग्रस्त क्षेत्र के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों, विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस पर इसकी निर्भरता को रेखांकित किया और संघर्ष के दीर्घकालिक परिणामों के लिए भारत की तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का राजनयिक रुख सभी पक्षों से तनाव कम करने का आग्रह करना रहा है, और उन्होंने नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की नाकाबंदी की निंदा की।

All the updates here:

अन्य न्यूज़