Sonam Wangchuk को मोहरा बना रहा विपक्ष? Jantar-Mantar Protest पर आया Chirag Paswan का बड़ा बयान

Chirag Paswan
ANI
अंकित सिंह । Jul 18 2026 4:49PM

चिराग पासवान ने आगामी यूपी और पंजाब चुनावों के लिए लोजपा (रामविलास) की रणनीति का खुलासा किया, जिसमें संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा, आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए वांगचुक को एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पासवान ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मतदान को सरकार बदलने का वैध तरीका बताया, जबकि भूख हड़ताल के बजाय संवाद और समाधान खोजने की वकालत की।

आगामी यूपी और पंजाब के चुनावों पर केंद्रीय मंत्री और LJP(R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन होगा या नहीं, इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। अभी हमारा ध्यान पार्टी संगठन को मजबूत करने और सभी 403 विधानसभा सीटों के लिए तैयारी करने पर है। अगले दो-तीन महीनों में जब हमारा जनाधार बढ़ जाएगा, तब हम गठबंधन पर चर्चा करेंगे। हमारा ध्यान सिर्फ़ उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है—हम पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी पार्टी का विस्तार कर रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: Abhishek Banerjee के दफ्तर पर Bulldozer एक्शन, Bengal में TMC-BJP में बढ़ा सियासी घमासान

जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर चिराग पासवान ने कहा कि यह दुखद है कि अपनी राजनीतिक ज़मीन खो चुकीं कई विपक्षी पार्टियां सोनम वांगचुक को चेहरे के तौर पर इस्तेमाल करती दिख रही हैं। एक व्यक्ति को भूख हड़ताल जारी रखने के लिए छोड़ दिया गया है, जबकि हर कोई उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंतित है। हम भी चिंतित हैं और कोर्ट भी। अगर दिल्ली पुलिस को दखल देना पड़ा, तो इसलिए क्योंकि कोई नहीं चाहेगा कि देश सोनम वांगचुक जैसी शख्सियत को खो दे... अगर लोग सरकार से असहमत हैं, तो उनके पास लोकतांत्रिक तरीके से वोट के ज़रिए उसे हटाने का विकल्प है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने वाली कई हस्तियां अक्सर चुनाव आने पर राजनीति से दूरी बना लेती हैं। हो सकता है कि कुछ लोग राजनीतिक व्यवस्था की बुनियादी बातें भी न समझते हों... विरोध करना एक जायज़ लोकतांत्रिक अधिकार है और लोगों को खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति को पूरे राजनीतिक अभियान का चेहरा बना देना गलत है। उन्होंने कहा कि वहाँ मौजूद छात्र यूनियनों को देखिए। मुझे तो यह भी नहीं पता कि वहाँ मौजूद लोगों में से कितने असल में छात्र हैं। ज़्यादातर लोग छात्र-जीवन की उम्र से कहीं आगे के लग रहे हैं; स्कूल या यूनिवर्सिटी के बहुत कम छात्र ही दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि, कई वामपंथी समूह साफ़ तौर पर वहाँ मौजूद हैं। 

इसे भी पढ़ें: गाजियाबाद के मुरादनगर में विपक्षियों पर गरजें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर जो चिंताएँ जताई जा रही हैं, मैं उनसे पूरी तरह सहमत हूँ... छात्रों के भविष्य के साथ बिल्कुल भी समझौता नहीं होना चाहिए। लेकिन क्या भूख हड़ताल या इस तरह के विरोध-प्रदर्शन से वे बदलाव आएँगे? इसके बजाय, प्रस्ताव रखिए, बातचीत और चर्चा कीजिए और समाधान बताइए। लेकिन इस तरह की अफ़रा-तफ़री और अव्यवस्था मत फैलाइए।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़