Parveen Hooda के गोल्ड पर गांव में जश्न, पिता बोले- बेटी ने अपना वादा पूरा किया

Parveen Hooda
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एकता । Oct 2 2026 5:12PM

हरियाणा के रोहतक की मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इस जीत के बाद उनके परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल है। परवीन का अगला लक्ष्य अप्रैल में होने वाले वर्ल्ड कप और 2028 ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करना है।

हरियाणा के रोहतक की भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। परवीन की जीत के बाद उनके परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

परवीन के पिता लखपत हुड्डा ने बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा, "यह बहुत कड़ा मुकाबला था। हमें उम्मीद थी कि हमारी बेटी गोल्ड मेडल लेकर घर लौटेगी। उसने पहले ही कहा था, 'मैं गोल्ड जरूर लेकर आऊंगी।'"

अब वर्ल्ड कप और 2028 ओलंपिक पर नजर

लखपत हुड्डा ने बताया कि परवीन का अगला लक्ष्य अप्रैल में होने वाला वर्ल्ड कप है। उन्होंने कहा, "अब अगला लक्ष्य अप्रैल में वर्ल्ड कप है। वह वहां भी गोल्ड जीतेगी। इसके बाद 2028 ओलंपिक पर नजर है।"

उन्होंने बताया कि परवीन 4 अक्टूबर को वापस लौटेंगी और गांव में उनके स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोग परवीन का भव्य स्वागत करने की योजना बना रहे हैं।

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मां बोलीं- उसने अपना वादा पूरा किया

परवीन की मां नीलम हुड्डा भी बेटी की जीत से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, "आज उसका मुकाबला बहुत अच्छा रहा। हमारी बेटी ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है। हमें बहुत खुशी हो रही है। पूरा गांव खुश है और लोग बधाई देने के लिए आ रहे हैं।"

नीलम हुड्डा ने बताया कि उन्हें पहले से भरोसा था कि परवीन गोल्ड लेकर आएगी। उन्होंने कहा, "उसने मुझसे कहा था, 'मां, मैं गोल्ड लेकर आने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगी।' मुझे उस पर पूरा भरोसा था, क्योंकि उसने बहुत मेहनत की है। उसने जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिखाया।"

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जूते और बॉक्सिंग किट जुटाना भी था मुश्किल

नीलम हुड्डा ने परवीन के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि परिवार ने बेटी को आगे बढ़ाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना किया। उन्होंने कहा, "हमने बहुत संघर्ष किया है। उसके लिए जूते, ग्लव्स और खेल की दूसरी जरूरी चीजें जुटाना भी बहुत मुश्किल था।"

उन्होंने बताया कि परिवार का सपना था कि परवीन ओलंपिक के लिए चुनी जाए। अब उन्हें उम्मीद है कि वह विश्व चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीतेगी।

4 अक्टूबर को होगा परवीन का स्वागत

नीलम हुड्डा ने बताया कि परवीन 4 अक्टूबर को वापस लौटेंगी। उन्होंने कहा, "हम सुबह एयरपोर्ट जाकर उसका स्वागत करेंगे। उसके लिए चूरमा लेकर जाएंगे, जो उसे बहुत पसंद है।" परवीन की जीत के बाद रोहतक के उनके गांव में जश्न का माहौल है और ग्रामीण उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

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