उत्तरी बंगाल के लिए केंद्रशासित प्रदेश की मांग पर लोगों को सोचना चाहिए: प्रमाणिक

Pramanik

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि भाजपा को पहले इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर लेना चाहिए क्योंकि पार्टी के नेता विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।

कोलकाता। केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी बंगाल के जिलों को मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश गठित करने की उनके सहयोगी मंत्री जॉन बारला की मांग के बारे में क्षेत्र के लोगों को सोचना चाहिए। प्रमाणिक और बारला उतरी बंगाल से भाजपा सांसद हैं, जिन्हें जुलाई में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। बारला के विचारों के बारे में जब पूछा गया तो प्रमाणिक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अगर इस तरह की मांग की गई तो यह लोगों के विचार पर है कि वह इसे उचित मानते हैं या नहीं। हमें लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।’’ अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री बारला ने जून में उत्तरी बंगाल के सभी जिलों को शामिल कर अलग केंद्रशासित प्रदेश बनानेकी मांग की थी। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि इस क्षेत्र में पिछले एक दशक में शायद ही विकास का कोई काम हुआ है। गृह मामलों के राज्य मंत्री प्रमाणिक ने मालदा में कहा, ‘‘ इस मुद्दे पर बारला की अपनी राय है। लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे तो इन वर्षों में उत्तरी बंगाल में विकास के कार्य ज्यादा नहीं हुए। जनता का प्रतिनिधि होने के नाते हम लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते।’’

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हालांकि उन्होंने आजादी के बाद राज्य के बंटवारे के बारे में पक्ष या विरोध में आगे टिप्पणी करने से इनकार दिया। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि भाजपा को पहले इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर लेना चाहिए क्योंकि पार्टी के नेता विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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