Indian Railway की बदली तस्वीर, PM Modi के ₹10,783 करोड़ के निवेश से Coal और Steel सेक्टर की रफ़्तार होगी दोगुनी

पीएम मोदी ने कहा, 10,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा लागत वाले तीन मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स पर कैबिनेट के फ़ैसले से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क बढ़ेगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाले तीन रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट से मंज़ूरी मिलने के फ़ायदों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से पांच राज्यों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स रेलवे नेटवर्क को मज़बूत करेंगे और छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे।
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पीएम मोदी ने कहा, 10,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा लागत वाले तीन मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स पर कैबिनेट के फ़ैसले से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क बढ़ेगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे टूरिज़्म, खासकर हेरिटेज और वाइल्डलाइफ़ से जुड़े टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी।" कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने बुधवार को पांच राज्यों में 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाले तीन रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी। इससे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इन प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। ये प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों को कवर करेंगे और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
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CCEA की विज्ञप्ति के अनुसार, मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट्स में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है, "लाइन की क्षमता बढ़ने से आवाजाही में काफ़ी सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की ऑपरेशनल क्षमता और सर्विस की विश्वसनीयता बेहतर होगी।" इसमें आगे कहा गया, "ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव कामकाज को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ कम करने में मदद करेंगे।" ये प्रोजेक्ट्स पांच राज्यों के 14 ज़िलों को कवर करेंगे और इनसे लगभग 4,790 गांवों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जिनकी कुल आबादी लगभग 56 लाख है। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य फोकस कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील जैसे भारी सामान की ढुलाई वाले रूटों पर क्षमता बढ़ाना होगा। CCEA ने कहा, "प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील आदि जैसे सामानों की ढुलाई के लिए ज़रूरी रूट हैं। क्षमता बढ़ाने के कामों से 27 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) का अतिरिक्त माल ढुलाई ट्रैफिक होगा।
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