कश्मीरियत, जम्हूरियत के साथ अब सेहत की बात, 'जन्नत' को PM मोदी का आयुष्मान भव:

कश्मीरियत, जम्हूरियत के साथ अब सेहत की बात, 'जन्नत' को PM मोदी का आयुष्मान भव:

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सभी लोगों को आयुष्मान भारत का फायदा मिलने जा रहा है। सेहत स्कीम- अपने आप में एक बहुत बड़ा कदम है। जम्मू-कश्मीर को अपने लोगों के विकास के लिए ये कदम उठाता देख, मुझे भी बहुत खुशी हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत PM-JAY सेहत योजना का शुभारंभ किया। लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक है। जम्मू कश्मीर के सभी लोगों को आयुष्मान भारत का फायदा मिलने जा रहा है। सेहत स्कीम- अपने आप में एक बहुत बड़ा कदम है। जम्मू-कश्मीर को अपने लोगों के विकास के लिए ये कदम उठाता देख, मुझे भी बहुत खुशी हो रही है। जम्मू कश्मीर के हर वोटर के चेहरे पर मुझे विकास के लिए, डेवलपमेंट के लिए एक उम्मीद नजर आई, उमंग नजर आई। जम्मू कश्मीर के हर वोटर की आंखों में मैंने अतीत को पीछे छोड़ते हुए, बेहतर भविष्य का विश्वास देखा। 

इसे भी पढ़ें: आंदोलनरत किसानों को गुमराह किया गया, मोदी की योजनाओं से प्रसन्न हैं देशभर के किसान

इसके साथ ही पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि डीडीसी के चुनाव ने एक नया अध्याय लिखा है, मैं चुनावों के हर फेज में देख रहा था कि कैसे इतनी सर्दी के बावजूद, कोरोना के बावजूद, नौजवान, बुजुर्ग, महिलाएं बूथ पर पहुंच रहे थे। अटल जी का जम्मू कश्मीर से एक विशेष स्नेह था। अटल जी इनसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की बात को लेकर हम सबको आगे के काम के लिए दिशा-निर्देश देते रहे हैं। आज जम्मू कश्मीर इसी भावना को लेकर आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जम्मू-कश्मीर में करीब 18 लाख सिलेंडर रिफिल कराए गए। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जम्मू कश्मीर में 10 लाख से ज़्यादा टॉयलेट बनाए गए। लेकिन इसका मकसद सिर्फ शौचालय बनाने तक सीमित नहीं, ये लोगों के स्वास्थ्य को सुधारने की भी कोशिश है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।