पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में किया जी20 अध्यक्षता का जिक्र, कहा - ये देश के लिए बड़ा मौका

mann ki baat
ANI Image
रितिका कमठान । Nov 27, 2022 11:38AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर को देशवासियों से 'मन की बात' की। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 अध्यक्षता के बारे में जिक्र किया। उन्होंने इस मौके को बड़ा मौका बताते हुए कहा कि ये भारत के लिए बड़ा मौका है। देश का हर निवासी जी20 से जुड़ाव महसूस कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर को देशवासियों से 'मन की बात' करते हुए जी20 अध्यक्षता के बारे में जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश को G20 की अध्यक्षता मिली है, जो भारत के लिए बड़ा मौका है। इस बड़े मौके से भारत के देशवासी को किसी न किसी रूप में जरूर जुड़ना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले ही उन्हें इससे संबंधित एक वेबसाइट को लॉन्च करने का मौका मिला था। इसके लिए लोगो का चयन भी एक पब्लिक प्रतियोगिता के जरिए किया गया है। उन्होंने कहा कि देश को इस बड़े समारोह की मेजबानी करने का मौका मिला है जिससे सभी का सीना चौड़ा हो गया है। G20 की वैश्विक जनसंख्या मे दो तिहाई, वैश्विक ट्रेड में तीन चौथाई, वैश्विक जीडीपी में 85% भागीदारी है। भारत एक दिसंबर से इसकी अध्यक्षता करेगा, जो देश के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। इसका लाभ उठाने के लिए ग्लोबल गुड, वैश्विक कल्याण पर केंद्रित रहना होगा। उन्होंने जी20 समारोह की थीम का जिक्र करते हुए खहा कि वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर की जो थीम दी है उसे वसुधैव कुटुंबकम के लिए हमारी प्रतिबद्धता दिखती है। आगामी दिनों में देश के कई हिस्सों में जी20 से संबंधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारत के कई हिस्सों में दुनिया के अलग अलग देशों से लोग आएंगे। ये मौका है जब राज्य अपनी संस्कृति के विविध और विशिष्ट रंगों को दुनिया के सामने लाएंगे। जी20 में आने वाले लोग डेलिगेट का हिस्सा होंगे और भविष्य के टूरिस्ट भी होंगे। 

स्पेस सेक्टर का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेस सेक्टर में भारत के बढ़ते कदम का जिक्र करते हुए कहा कि 18 नवंबर को स्पेस सेक्टर में नया इतिहास बना। भारत ने अपना पहला रॉकेट 'विक्रम–एस' अंतरिक्ष में भेजा, जिसे भारत के प्राइवेट सेक्टर ने डिजाइन और तैयार किया था। इस रॉकेट ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी थी, जो देश का पहला स्वदेशी स्पेस स्टार्टअप था। ये ऐतिहासिक पल था जिसने हर भारतीय का सीना गर्व से ऊंचा किया। ये भारत में private space sector के लिए एक नए युग के उदय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये देश में आत्मविश्वास से भरे एक नए युग का आरंभ है।

उन्होंने कहा कि जो बच्चे कभी कागज के हवाई जहाज बनाकर उड़ाते थे वो अब भारत में ही हवाई जहाज बना सकते है। चांद तारों की आकृतियां बनाने वाले बच्चों को अब भारत में ही रॉकेट बनाने का अवसर मिल रहा है। युवाओं के ये सपने भी साकार होंगे। रॉकेट बनाने वाले युवाओं को पता है कि भारत स्पेस सेक्टर में आगे बढ़ रहा है। 

ड्रोन को लेकर कही खास बात
प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी ने जहां टेक्नोलॉजी की बात की वहीं उन्होंने इससे संबंधित इनोवेशंस का भी जिक्र किया है। उन्होंने ड्रोन के संबंध में कहा कि भारत ड्रोन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हाल ही में ड्रोन की मदद से सेब ट्रांसपोर्ट किए गए थे। ड्रोन के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का बढ़ा एक्सपोर्ट
उन्होंने म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि बीते आठ वर्षों में वाद्य यंत्रों का एक्सपोर्ट बढ़कर तीन गुणा हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का एक्सपोर्ट 60 गुणा बढ़ा है। भारत के लिए गौरव की बात है कि भारतीय संस्कृति और संगीत दुनिया भर में प्रचलित हो रही है। भारत की खुशनसीबी है कि हमारे देश में म्यूजिक, डांस और आर्ट की संस्कृति इतनी समृ्द्ध है। 

अन्य न्यूज़