प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के युवराज से की बात, कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर की चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 29, 2021   09:52
प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के युवराज से की बात, कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर की चर्चा

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि टेलीफोन पर हुई बातचीत में, दोनों नेताओं ने कोविड-19 के बाद की दुनिया में भारत-यूएई साझेदारी को और मजबूत करने के लिए करीबी विचार-विमर्श और सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर चर्चा की और इस बात को लेकर संतोष व्यक्त किया कि स्वास्थ्य संकट के दौरान भी भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहयोग रुका नहीं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि टेलीफोन पर हुई बातचीत में, दोनों नेताओं ने कोविड-19 के बाद की दुनिया में भारत-यूएई साझेदारी को और मजबूत करने के लिए करीबी विचार-विमर्श और सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इस संदर्भ में, उन्होंने व्यापार और निवेश संपर्कों में विविधता लाने के अवसरों पर भी चर्चा की। 

इसे भी पढ़ें: गाजियाबाद प्रशासन ने किसानों से UP गेट खाली करने को कहा, राकेश टिकैत बोले- वह आत्महत्या कर लेंगे... 

एक ट्वीट में मोदी ने कहा कि मेरे दोस्त शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। यूएई में भारतीयों के कल्याण के लिए व्यक्तिगत तौर पर ध्यान देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। यहां तक कि महामारी भी भारत-यूएई के सहयोग को धीमा नहीं कर सकी और हम हमारी साझेदारी को बढ़ाने और इसमें विविधता लाने के लिए सहमत हुए हैं। युवराज यूएई के सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर भी हैं। दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि कोविड-19 संकट जल्द ही दूर हो जाएगा। उन्होंने निकट भविष्य में जल्द मुलाकात करने की उत्सुकता व्यक्त की। दिन में इससे पहले, मोदी ने पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों की सराहना की थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।