सुधारों और शासन पर PM Modi की अध्यक्षता में Union Ministers की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार से

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केंद्र सरकार की पूरी मंत्रिपरिषद 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय चिंतन सत्र में भाग लेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले इस मंथन में नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न मंत्रालयों के बीच तालमेल पर चर्चा होगी। इसके लिए मंत्रियों के छह अलग-अलग समूह बनाए गए हैं जो अपने सुझावों पर प्रस्तुतियां देंगे।

केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार से शुरू होगी, जिसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा और इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) स्थित है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किये गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे। ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में दी जाने वाली प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है। प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

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