मेरठ में ट्यूबवेल पर चल रहे तमंचा बनाने के कारखाने का पुलिस ने किया भंडाफोड़,5 गिरफ्तार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2021   10:31
मेरठ में ट्यूबवेल पर चल रहे तमंचा बनाने के कारखाने का पुलिस ने किया भंडाफोड़,5 गिरफ्तार

मेरठ के इंचौली में पुलिस ने तमंचा बनाने के कारखाने का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि हथियार बनाने वाले गैंग का सरगना सुल्तान है।  वह 2004 में भी हथियार की फैक्ट्री चलाता पकड़ा गया था।

मेरठ में सोमवार को थाना इंचौली के बिसोला गांव में पुलिस ने ट्यूबवेल पर तमंचा बनाने के कारखाने का भांडाफोड़ किया। सीओ सदर देहात और एसओ ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारा। यहां से बड़ी संख्या में तमंचे और अधबने हथियार बरामद किए गए हैं। यह गैंग पिछले 2 महीने से अवैध हथियार बना रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने गैंग के सरगना समेत 5 आरोपी गिरफ्तार कर लिया जबकि एक मोके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि गैंग का सगरना पहले भी अवैध हथियार बनाने में जेल जा चुका है। मेरठ के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर जिले में भी ऑन डिमांड तमंचे बेचे जा रहे थे। 

सोमवार को इंचौली थाने पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को बिसौला गांव में अवैध तमंचा बनाए जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी के निर्देश पर सीओ सदर देहात पूनम सिरोही और एसओ इंचौली श्यौपाल सिंह ने रविवार रात ढाई बजे बिसौला निवासी पिंकल पुत्र धनीराम के ट्यूबवैल पर छापेमारी की। मौके से दो आरोपियों को तमंचे बनाते रंगेहाथों पकड़ा गया। इनकी निशानदेही पर रात के समय तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जिसमें नेड़ु गांव निवासी सुल्तान पुत्र मनीराम, बिसौला निवासी पिंकल पुत्र धनीराम, मौजीराम पुत्र रामलाल, खिमावती निवासी रिंकु पुत्र पप्पू जौगी व मोहित उर्फ कालू पुत्र अतेश त्यागी शामिल हैं। । जबकि मोनू नाम का युवक ग्राइंडर व वेल्ड कर हथियारों को मजबूती देता था वह पुलिस को चकमा दे फरफ हो गया। गिरफ्त में आये आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में 19 मुकदमे दर्ज हैं। टीम ने यहां चल रही कारखाने से 10 तमंचे, चार बंदूक, हथियार बनाने के औजार, अधबने तमंचे और बंदूकों को बरामद किया।

 

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि तमंचा व अन्य बंदूकें बनाने के लिए दिल्ली से कच्चा माल लाते थे। इसके बाद बिसौला स्थित ट्यूबवैल पर मशीन व अन्य उपकरणों की मदद से तमंचा व बंदूक बनाई जाती थीं। बनने के बाद इसे मेरठ समेत गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हापुड़ आदि जनपदों में सप्लाई किया जाता था।





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