Gurugram Waterlogging | गुरुग्राम में जलभराव पर सियासत गर्म! सांसद राव इंद्रजीत ने कांग्रेस के 'पुराने विकास' पर फोड़ा फोड़ा, विपक्ष ने पूछा- ₹1,400 करोड़ कहाँ गए?

Rao Inderjit
ANI
रेनू तिवारी । Aug 26 2026 10:06AM

केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को ANI से कहा, 'अभी हम जो कर रहे हैं, वह असल में एक बैंड-एड सॉल्यूशन है। इससे कुछ राहत तो मिलती है, लेकिन अगर हम एक जगह पानी रोकते हैं, तो वह दूसरी जगह से रास्ता बना लेता है।'

'मिलेनियम सिटी' गुरुग्राम में भारी मानसूनी बारिश के बाद एक बार फिर बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। 24 अगस्त को महज 35 मिनट से कुछ घंटों के भीतर हुई 70 से 75 मिमी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सड़कों पर पानी भरने, बसें फंसने और भारी ट्रैफिक जाम के बाद पैदा हुए हालातों पर अब तीखी राजनीति शुरू हो गई है। गुरुग्राम से चार बार के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मौजूदा राहत कार्यों को महज एक "बैंड-एड सॉल्यूशन" (अस्थायी समाधान) करार दिया है और इस दुर्दशा के लिए पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में हुए अनियोजित विकास को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर 1,400 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने के बावजूद बुनियादी ढांचा 'ध्वस्त' करने का आरोप लगाया है।

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केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को ANI से कहा, "अभी हम जो कर रहे हैं, वह असल में एक बैंड-एड सॉल्यूशन है। इससे कुछ राहत तो मिलती है, लेकिन अगर हम एक जगह पानी रोकते हैं, तो वह दूसरी जगह से रास्ता बना लेता है।"

सिंह की यह टिप्पणी भारी बारिश के कारण गुरुग्राम में जनजीवन ठप होने के बाद आई है। 24 अगस्त को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच 75 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ और स्कूल बसें घंटों फंसी रहीं। इसके बाद जिला प्रशासन ने 25 अगस्त को ऑफिसों को 'वर्क फ्रॉम होम' की सलाह दी।

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गुरुग्राम में जलभराव की पुरानी समस्या पर सिंह ने कहा कि यह मुद्दा मुख्य रूप से उन पारंपरिक नालों पर हुए विकास कार्यों से जुड़ा है, जो कभी पहाड़ियों से बारिश का पानी यमुना तक ले जाते थे। उन्होंने कहा, "आज भी हम कांग्रेस के समय में हुए उस विकास के नतीजों का सामना कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि जब सिंह 2009 में पहली बार गुरुग्राम से सांसद चुने गए थे, तब वे खुद कांग्रेस नेता थे। 2014 में वे बीजेपी में शामिल हो गए और तब से बीजेपी के टिकट पर तीन बार यह सीट जीत चुके हैं। राज्य में कांग्रेस के 10 साल के शासन को खत्म करने के बाद 2014 से हरियाणा में बीजेपी सत्ता में है।

सिंह ने कहा, "इसका एकमात्र स्थायी समाधान यह है कि गुरुग्राम में पुराने नालों के रास्ते पर मेट्रो की तरह अंडरग्राउंड टनल बनाई जाएं, ताकि पानी को उसके मूल रास्तों से निकाला जा सके।"

बीजेपी सांसद ने कहा कि पानी के प्राकृतिक बहाव को बहाल करने के लिए शहर को ऐसी अंडरग्राउंड टनल की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार स्थायी समाधान पर काम कर रही है और प्रस्तावित टनल के निर्माण के लिए जरूरी फंड की व्यवस्था करने की कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने कहा, "सरकार इस पर काम कर रही है और हम ज़रूरी फंड का इंतज़ाम कर रहे हैं।"

गुरुग्राम एक प्राकृतिक बेसिन में बसा है, जबकि आस-पास की अरावली पहाड़ियों से बारिश का पानी इसके शहरी इलाकों की ओर बहता है। तेज़ी से हो रहे शहरीकरण और पारंपरिक जल निकासी रास्तों पर निर्माण कार्य ने पानी की निकासी के रास्तों को और कम कर दिया है, जिससे भारी बारिश के दौरान 'मिलेनियम सिटी' में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।

गुरुग्राम में जलभराव को लेकर कांग्रेस ने BJP पर निशाना साधा

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुग्राम में जलभराव को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर "ध्वस्त" हो गया है और BJP सरकार पर 1,400 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद समस्या का समाधान न कर पाने का आरोप लगाया।

सुरजेवाला ने X पर एक पोस्ट में कहा, "गुरुग्राम का इंफ्रास्ट्रक्चर 'ध्वस्त' हो गया है... सड़कें और गलियां पानी में डूबी हुई हैं, लोगों को बिजली का झटका लग रहा है, सरकार और प्रशासन नदारद हैं, और चारों ओर अफरा-तफरी मची है।" उन्होंने जलभराव, फंसी हुई स्कूल बसों और प्रशासन द्वारा जारी वर्क-फ्रॉम-होम एडवाइज़री का ज़िक्र किया।

हरियाणा के सबसे ज़्यादा रेवेन्यू देने वाले शहरों में से एक, गुरुग्राम को मॉनसून के दौरान लगातार भारी जलभराव का सामना करना पड़ रहा है, जबकि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के तहत आने वाले इलाकों में 408 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

24 अगस्त को 35 मिनट में लगभग 70 मिमी बारिश के कारण कई मुख्य सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। सुभाष चौक पर नौ स्कूल बसों समेत लगभग 15 वाहन फंस गए, जिससे 300 से ज़्यादा स्कूली बच्चे करीब दो घंटे तक फंसे रहे।

ऐसी ही एक घटना में, नर्सरी के छात्रों को ले जा रही एक स्कूल वैन शहर की जलभराव वाली सड़क से गुज़रते समय कई घंटों तक फंसी रही, जिससे बच्चे घबरा गए। आखिरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एक अन्य घटना में, दिल्ली-जयपुर हाईवे के किनारे सर्विस लेन का एक हिस्सा IFFCO चौक के पास धंस गया, जिससे एक बड़ा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने की सूचना मिलने के बाद गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि सर्विस लेन दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा है, इसलिए सीवर लाइन की लीकेज ठीक होने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) द्वारा मरम्मत का काम किया जाएगा। 

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