PM Modi का बड़ा फैसला: Dharmendra Pradhan का इस्तीफा मंजूर, Pralhad Joshi बने Education Minister

नीट विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केंद्र सरकार द्वारा जवाबदेही सुनिश्चित करने और नीतिगत दबाव को संतुलित करने का एक महत्वपूर्ण संकेत है। प्रह्लाद जोशी को अंतरिम प्रभार मिलना शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की एक रणनीतिक कोशिश है। यह घटनाक्रम परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित व्यापक सुधारों और आंदोलनकारियों के साथ हुए समझौतों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री की सलाह पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा जाए। आदेश में कहा गया है, "प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। साथ ही, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के अलावा शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा जाए।"
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा संगठन की सभी मांगें मान लिए जाने के बाद नीट विवाद को लेकर 36 दिन से जारी अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। कॉजपा ने कहा कि दोनों पक्ष परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों पर काम करने के लिए चार हफ्ते बाद फिर मिलेंगे। कॉजपा प्रवक्ता सौरव घोष ने देशभर में सभी जगहों पर अपना विरोध-प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधान के इस्तीफे के अलावा सरकार नीट विवाद को लेकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को “सम्मानजनक” मुआवजा देने और दिल्ली सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित सभी राज्यों में दर्ज प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने पर भी सहमत हो गई है।
दास ने सरकार के वार्ताकारों केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “कॉजपा इस आश्वासन और समझ के साथ आंदोलन वापस लेने की घोषणा करती है कि तय शर्तों को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू किया जाएगा।” कॉजपा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और 20 मार्च को संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी को वापस लिए जाने की मांग की थी। कॉजपा ने शनिवार दोपहर शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद यहां कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
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