फेविकोल कंपनी वाले बनाए ब्रांड एंबेसडर, प्रशांत किशोर बोले- कुर्सी और नीतीश का जोड़ टूटेगा नहीं

Prashant Kishor
ANI
अभिनय आकाश । Sep 10 2022 6:47PM

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि हर तरह के जोड़ बने और टूटे केवल एक ही जोड़ नहीं टूटा और वो मुख्यमंत्री की कुर्सी और नीतीश जी के बीच का जोड़ है। ऐसी बाजीगरी केवल नीतीश जी कर सकते हैं, इसलिए मैंने कहा कि फेविकोल को इन्हीं(नीतीश कुमार) को अपना ब्रांड एंबेसडर बना लेना चाहिए।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक महीने पहले ही बीजेपी छोड़ दी है और बीजेपी के विरोध में नेताओं और पार्टियों से मिल रहे हैं, लेकिन ऐसा करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. हमें 2024 के चुनावों के लिए एक विश्वसनीय चेहरे की जरूरत है, जन विश्वास, कार्यबल और जन आंदोलन की आवश्यकता है। प्रशांत किशोर ने कहा कि चार नेताओं के मिलने से उनके साथ चाय पीने से जनता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस मुलाकात से आपके चुनाव लड़ने की क्षमता, अआपकी विश्वसनीयता या एक नया नरैटिव बनाने के संदर्भ में क्या फर्क पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: 2019 में विधानसभा टिकट कटने से लेकर बिहार प्रभारी बनाए जाने तक, महाराष्ट्र के OBC नेता विनोद तावड़े पर बीजेपी ने क्यों जताया भरोसा?

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि हर तरह के जोड़ बने और टूटे केवल एक ही जोड़ नहीं टूटा और वो मुख्यमंत्री की कुर्सी और नीतीश जी के बीच का जोड़ है। ऐसी बाजीगरी केवल नीतीश जी कर सकते हैं, इसलिए मैंने कहा कि फेविकोल को इन्हीं(नीतीश कुमार) को अपना ब्रांड एंबेसडर बना लेना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हम लोग एक नारा सुनते आए हैं कि फेविकोल का जोड़ है, नहीं टूटने वाला। बिहार में तो हम लोगों ने कई तरह के जोड़ों को बनते और बिगड़ते हुए देखा है। हमने देखा कि नीतीश जी कैसे भाजपा के साथ थे, फिर छोड़ा, फिर साथ आए, फिर छोड़ा।  

इसे भी पढ़ें: 'यूपी+बिहार= गयी मोदी सरकार', नीतीश को लेकर साथ बीजेपी पर अखिलेश का पोस्टर वार

बिहार के सीएम नीतीश कुमार की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बीजेपी लिंक्स कहते हैं, "नीतीश जी मुझसे नाराज़ नहीं हैं, यह उनके बोलने का तरीका है। मेरा उनके साथ एक करीबी रिश्ता है। कौन लेगा उनकी बातचीत गंभीरता से? वह एक महीने पहले भाजपा के साथ थे। 

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़