2024 के लिए PM मोदी के खिलाफ 'पवार' फुल रणनीति बनाने में जुटे PK? चुनावी रणनीतिकार का पद छोड़ने का कर चुके हैं ऐलान

2024 के लिए PM मोदी के खिलाफ 'पवार' फुल रणनीति बनाने में जुटे PK? चुनावी रणनीतिकार का पद  छोड़ने का कर चुके हैं ऐलान

प्रशांत किशोर ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की है। भले ही इसे शिष्टाचार मुलाकात कहा जाए लेकिन एक राजनीतिक रणनीतिकार और सियासत के धुरंधर पवार की मुलाकात है तो इसमें देश की सियासत की बात आना लाजिमी है।

मुंबई के नेवेंसी रोड पर स्थित सिल्वर ओक स्टेट में एनसीपी के सुप्रीमो शरद पवार का निवास है। जहां आज सुबह साढ़े दस बजे के करीब राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर उनसे मिलने पहुंचे। वैसे तो इसे महज एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है। बीते दिनों शरद पवार की तबीयत खराब थी और उन्हें सर्जरी से भी गुजरना पड़ा था। बहुत सारे नेता शरद पवार से मिलने आए। इसी कड़ी में माना गया कि प्रशांत किशोर पवार से मिलने उनके निवास स्थान पर पहुंचे। बाद में पवार और पीके ने साथ ही में लंच भी किया। आधिकारिक रूप से इसे प्रशांत किशोर की बंगाल और तमिलनाडु चुनाव से संबंधित थैंक्सगिविंग यात्रा बताया जा रहा है।

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भले ही इसे शिष्टाचार मुलाकात कहा जाए लेकिन एक राजनीतिक रणनीतिकार और सियासत के धुरंधर पवार की मुलाकात है तो इसमें देश की सियासत की बात आना लाजिमी है। देशभर में 2024 के लिए तमाम विपक्षी दल किस प्रकार से एक मंच पर आएं इसको लेकर भी दोनों में चर्चा की अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर ने नतीजे घोषित होने के बाद ही ऐलान कर दिया था कि वे चुनावी रणनीतिकार का पद छोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि मैं अब यह जगह खाली कर रहा हूं।

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महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। जिसके बाद मीडिया में तमाम तरह की खबरें भी सामने आने लगी थी। इन अटकलों को शिवसेना नेता संजय राउत के बयान से और हवा मिली जब उन्होंने नरेंद्र मोदी को सबसे अच्छा प्रधानमंत्री करार दिया था। हालांकि तमाम कयासों पर पानी डालने के लिए शरद पवार सामने आए और उन्होंने शिवसेना को भरोसेमंद साथी बताया और महाविकास अघाड़ी सरकार के कार्यकाल पूरा करने का भरोसा भी जताया। कुल मिलाकर देखा जाए तो पवार 2024 के विधानसभा चुनावों तक गठबंधन को बनाते हुए केंद्र में भी विपक्ष को एकजुट रखने के लिए जूझ रहे हैं।





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