पश्चिम बंगाल में सड़क हादसे में 14 बारातियों की मौत पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   16:02
  • Like
पश्चिम बंगाल में सड़क हादसे में 14 बारातियों की मौत पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बारातियों को ले जा रहे तीन वाहनों और पत्थर लदे एक ट्रक में टक्कर होने से चार बच्चों सहित 14 बारातियों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा धुपगुड़ी ब्लॉक के जलढाका इलाके में मंगलवार रात को हुआ।

जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बारातियों को ले जा रहे तीन वाहनों और पत्थर लदे एक ट्रक में टक्कर होने से चार बच्चों सहित 14 बारातियों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा धुपगुड़ी ब्लॉक के जलढाका इलाके में मंगलवार रात को हुआ। उन्होंने बताया कि बारातियों की कार सड़क पर वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग के बजाय विपरीत दिशा से धुपगुड़ी की ओर जा रही थी और घने कोहरे की वजह से यह टक्कर हुई।

इसे भी पढ़ें: क्या कृषि कानून रद्द कराने में सफल हो पाएंगे किसान ? सरकार के साथ 10वें दौर की वार्ता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को ढाई-ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने पुरुलिया में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देगी। बनर्जी ने कहा कि मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जान के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। लेकिन, हम पीड़ित परिवार से कहना चाहते हैं कि सरकार उनके साथ है। हम मृतकों के परिजन और घायलों को मुआवजा प्रदान कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: भारत ने भूटान और मालदीव को कोविड-19 के टीके की पहली खेप भेजी

हमारे स्थानीय विधायक सौरभ चक्रवर्ती वहीं पर हैं और मंत्री अरूप बिस्वास भी वहां जा रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सड़क हादसे में हुई मौतों पर शोक जताया तथा मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रूपये के मुआवजे की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रूपये और घायलों को 50 हजार रूपये की आर्थिक मदद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दी जाएगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल हुए 10 लोगों को जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


PM मोदी ने 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:24
  • Like
PM मोदी ने 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए

पीएम मोदी ने ,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। इस केंद्र पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ बातचीत भी की।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को शिलॉन्ग के पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान (एनईआईजीआरआईएचएमएस) में 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह नया केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस केंद्र पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ बातचीत भी की। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य सस्ते दाम पर अच्छी दवाइयां उपलब्ध कराना है। वर्ष 2014 में इन केंद्रों की संख्या 86 थी। इस योजना के तहत आज इन स्टोर की संख्या 7,500 पर पहुंच गई है।

इसे भी पढ़ें: PM की दाढ़ी पर थरूर का ट्वीट, केंद्रीय मंत्री बोले- अपनी बीमारी से जल्दी ठीक हो जाइये

देश के सभी जिलों में इस तरह के स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में चार मार्च तक इन केंद्रों द्वारा दवाओं की बिक्री से नागरिकों को करीब 3,600 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इन केंद्रों पर दवाएं बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं। ‘जन औषधि’ के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए एक से सात मार्च तक देशभर में ‘जन औषधि’ सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका विषय ‘जन औषधि-सेवाभी, रोजगार भी’ रखा गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


उम्मीदवारी के ऐलान के बाद बोले शुभेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी को भारी मतों से हराउंगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:06
  • Like
उम्मीदवारी के ऐलान के बाद बोले शुभेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी को भारी मतों से हराउंगा

कोलकाता के बेहाला इलाके में आयोजित एक रैली में अधिकारी ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, आपने अपनी भवानीपुर सीट क्यों छोड़ दी? आप क्यों वहां से भाग खड़ी हुईं?

कोलकाता। भाजपा नेता शुभेंदू अधिकारी ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर बाहरी करार देते हुए दावा किया कि वह बनर्जी को करारी शिकस्त देने को लेकर 200 फीसदी आश्वस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने से बच रही हैं। भाजपा ने बनर्जी के मंत्रिमंडल सहयोगी रहे अधिकारी को पूर्वी मिदनापुर की नंदीग्राम सीट से मैदान में उतारा है, जहां से मुख्यमंत्री भी ताल ठोक रही हैं। कोलकाता के बेहाला इलाके में आयोजित एक रैली में अधिकारी ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, आपने अपनी भवानीपुर सीट क्यों छोड़ दी? आप क्यों वहां से भाग खड़ी हुईं? ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने मित्रा संस्थान के बूथ पर 2019 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी? यहां तक की आप अपने क्षेत्र में भी नहीं जीत सकतीं।

इसे भी पढ़ें: राजनीति का सुपर रविवार, पीएम की बिग्रेड परेड से हुंकार, ममता महंगाई को मुद्दा बना करेंगी पलटवार

नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने का विश्वास जताते हुए भाजपा नेता अधिकारी ने कहा, मैंने नंदीग्राम में लक्ष्मण सेठ को हराया था। इस बार मैं माननीय (बनर्जी) को हराउंगा। वह नंदीग्राम के लिए बाहरी हैं जबकि मैं क्षेत्र का भूमिपुत्र हूं। रैली के दौरान शुभेंदू अधिकारी ने ममता बनर्जी के भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने बनर्जी के परिवार से पूछताछ कर अपना फर्ज निभाया है क्योंकि वे कानून से ऊपर नहीं हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 18,711 नए मामले आए सामने

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   10:54
  • Like
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 18,711 नए मामले आए सामने

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी देखी गई है और देश में 1,84,523 लोगों का इलाज चल रहा है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.65 प्रतिशत है।

नयी दिल्ली। देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 18,000 से अधिक नए मामले सामने आए और इसी के साथ अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,12,10,799 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी देखी गई है और देश में 1,84,523 लोगों का इलाज चल रहा है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.65 प्रतिशत है। मंत्रालय ने बताया कि संक्रमित हुए लोगों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 96.95 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 18,711 नए मामले सामने आए तथा 100 और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,57,756 हो गई।

इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में आठ मार्च से शुरू होगा टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

इससे पहले 29 जनवरी को संक्रमण के नए मामलों की संख्या 18,855 थी। देश में संक्रमित हुए 1,08,68,520 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, यानी देश में संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 96.95 प्रतिशत है, जबकि मृत्यदुर 1.41 प्रतिशत बनी हुई है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में छह मार्च तक 22,14,30,507 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 7,37,830 नमूनों की जांच शनिवार को की गई।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept