संसद टीवी के एंकर पद से प्रियंका चतुर्वेदी का इस्तीफा, राज्यसभा से निलंबन के बाद उठाया यह कदम

संसद टीवी के एंकर पद से प्रियंका चतुर्वेदी का इस्तीफा, राज्यसभा से निलंबन के बाद उठाया यह कदम

अपने इस्तीफा पत्र में प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि बहुत दुख के साथ में संसद टीवी के शो 'मेरी कहानी' के एंकर पद से इस्तीफा दे रही हूं। उन्होंने यह भी लिखा कि मैं ऐसी जगह किसी भी पद पर रहने को तैयार नहीं हूं जहां मेरे प्राथमिक अधिकार को ही छीना जा रहा है।

संसद के शीतकालीन सत्र से विपक्ष के 12 सांसद निलंबित हैं। जिन सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें शिवसेना के प्रियंका चतुर्वेदी भी हैं। प्रियंका चतुर्वेदी लगातार अपने निलंबन का विरोध कर रही हैं। इन सब के बीच उन्होंने बड़ा कदम उठाया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा से निलंबन के बाद संसद टीवी के एक शो के लिए एंकर पद से भी इस्तीफा दे दिया है। इसको लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को भी पत्र लिखा है। अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने मैं ऐसी जगह रहने को तैयार नहीं हूं जहां मेरे प्राथमिक अधिकार ही छीन जा रहे हैं।

अपने इस्तीफा पत्र में प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि बहुत दुख के साथ में संसद टीवी के शो 'मेरी कहानी' के एंकर पद से इस्तीफा दे रही हूं। उन्होंने यह भी लिखा कि मैं ऐसी जगह किसी भी पद पर रहने को तैयार नहीं हूं जहां मेरे प्राथमिक अधिकार को ही छीना जा रहा है। ऐसा मैंने 12 सांसदों के मनमाने निलंबन की वजह से किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं इस शो के जितना करीब थी, अब मुझे इससे उतना ही दूर जाना पड़ रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने निलंबन को ऑल लोकतांत्रिक और प्रक्रिया के सभी नियमों का उल्लंघन करार दिया है। 

उन्होंने कहा कि संसद के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। मेरा मानना है कि मेरा कर्तव्य बनता कि मैं लोगों का आवाज उठाऊ। इसके साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि इस निलंबन से मेरा सांसद ट्रैक रिकॉर्ड भी खराब हुआ है। मुझे लगता है कि यह अन्याय है लेकिन अगर सभापति की नजर में यह जायज है तो मुझे इसका सम्मान करना होगा। आपको बता दें कि संसद में मानसून सत्र के दौरान हंगामा करने की वजह से 12 विपक्षी सांसदों को पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किया गया है। निलंबित सांसदों में से कांग्रेस के छह हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के दो-दो सांसद हैं। इसके अलावा सीपीआई और सीपीआईएम के एक सांसद हैं।





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