तेजस की खरीद के निर्णय से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती: PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   08:28
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तेजस की खरीद के निर्णय से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती: PM मोदी

सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति (सीसीएस) ने वायुसेना के लिए घरेलू रक्षा खरीद के तहत करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस विमान खरीदने को बुधवार को मंजूरी प्रदान की है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा घरेलू रक्षा खरीद के तहत भारतीय वायु सेना के लिये 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी देने से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी। सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति (सीसीएस) ने वायुसेना के लिए घरेलू रक्षा खरीद के तहत करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस विमान खरीदने को बुधवार को मंजूरी प्रदान की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। मोदी ने ट्वीट किया, मंत्रिमंडल के आज (बुधवार) के फैसले से हमारे सशस्त्र बलों की क्षमताओं में सुधार होगा, स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


किसानों के प्रदर्शन पर नाटक कर रहे हैं कुछ राजनीतिक दल: फडणवीस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   16:45
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किसानों के प्रदर्शन पर नाटक कर रहे हैं कुछ राजनीतिक दल: फडणवीस

फडणवीस ने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के साथ भंडारा में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह भंडारा के अस्पताल में पिछले महीने आग लगने से 10 बच्चों की मौत के मामले के संबंध में राज्य सरकार की ‘‘असंवेदनशील’’ रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

नागपुर (महाराष्ट्र)। भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडणवीस ने सोमवार को आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक पार्टियां केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को लेकर ‘‘नाटक’’ कर रही हैं और गलत जानकारियां फैला रही हैं। मुम्बई में किसानों द्वारा आयोजित की गई रैली का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस द्वारा समर्थन करने के बाद उन्होंने यह बयान दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस-राकांपा सरकार ने ही अनुबंध कृषि और कृषि उत्पादों की सीधी खरीद की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि कृषि कानून पारित हुए काफी समय हो गया है और महाराष्ट्र में भी तक ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘ कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर अब नाटक कर रहे हैं और गलत जानकारियां फैला कर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे पास इन मोर्चों का समर्थन करने वाली पार्टियों के लिए एक सवाल है कि कांग्रेस ने अपने 2019 के चुनाव घोषणापत्र में यह क्यों कहा था कि अगर वह सत्ता में आई तो वह बाजार समितियों को निलंबित कर देगी।’’ फडणवीस ने पूछा, ‘‘ कांग्रेस और राकांपा को जवाब देने चाहिए कि उन्होंने 2006 में अनुबंध खेती अधिनियम को मंजूरी क्यों दी? उन्हें महाराष्ट्र में इस कानून से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे केन्द्र में इसे नहीं चाहते। यह ड्रामा क्यों?’’ 

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उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों की उपज की सीधी खरीद के लिए पिछले कांग्रेस-राकांपा शासन ने 29 लाइसेंस जारी किए गए थे। इस बीच, फडणवीस ने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के साथ भंडारा में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह भंडारा के अस्पताल में पिछले महीने आग लगने से 10 बच्चों की मौत के मामले के संबंध में राज्य सरकार की ‘‘असंवेदनशील’’ रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने भंडारा में धान की खरीद के दौरान ‘‘व्यापक भ्रष्टाचार’’ का भी आरोप लगाया।





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प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   16:30
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प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘ऑक्सफैम’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘गलत नीतियों एवं प्राथमिकताओं’ के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी की ग़लत नीतियों और प्राथमिकताओं से देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। ऑक्सफैम की नयी रिपोर्ट के अनुसार मोदी जी के मित्रों व देश के सबसे अमीर अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ी, वहीं अप्रैल में हर घंटे 1.7 लाख लोगों ने अपनी नौकरी खोई !’’

उल्लेखनीय है कि गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया। ऑक्सफैम की रिपोर्ट ‘इनइक्वलिटी वायरस’ में कहा गया, ‘‘मार्च 2020 के बाद की अवधि में भारत में 100 अरबपतियों की संपत्ति में 12,97,822 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इतनी राशि का वितरण यदि देश के 13.8 करोड़ सबसे गरीब लोगों में किया जाए, तो इनमें से प्रत्येक को 94,045 रुपये दिए जा सकते हैं।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 25, 2021   16:08
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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच रविवार को कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ती हुई। यह मीटिंग चीनी सीमा रेखा में स्थित मोल्डो में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत ने एक बार फिर चीन से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाली जगहों से अपनी सेनाओं को पीछे हटाने का कहा, ताकि तनाव कम हो।वहीं सिक्कम से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आज सामने आई है। इस झड़प में चीन के 20 सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। लेकिन संवाद और विवाद की दो अलग-अलग खबरों के बीच पिछले 8 महीने से लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौर में एक खबर ऐसी भी है जिससे प्रतीत होता दिख रहा है कि लद्दाख मसला अब नरमी से हल हो जाएगा।  9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया। 

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इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टेंशन कम हो जाएगा यह तो नही पता लेकिन इतना जरूर है कि भारत चीन के बीच जारी संवादों या फिर सैन्य कमांडरों के बीच चलने वाले हॉटलाइन पर इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय सेना के इस पहल से चीनी सैन्य अधिकारियों पर सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है। 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टीनेंट जेनरल पी जी के मेनन और दिल्ली के नेतृत्व ने यह फैसला लिया कि चीनी सैनिक को वापस भेज दिया जाए।

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11जनवरी को मोलडो क्रासिंग पर चीनी जवान को वापस सौप दिया गया। भारतीय सेना के इस कदम को सद्भावना वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना ने ऐसी ही सद्भावना पिछले साल अक्टूबर में भी दिखयी थी जब देमचोक सेक्टर से एक चीनी सिपाही पकड़ा गया था। चीन के अंदर सोशल मीडिया पर भी चीनी सैनिक की वापसी को काफी सराहा जा रहा है और इसपर गर्मजोशी से सकारात्मक चर्चा भी हो रही हैं। चीनी सेना ने ऑन रिकॉर्ड  इस पहल के लिए भारीतय सेना की काफी प्रसंसा और सराहना की है। अब इस तरह की प्रसंसा का ग्राउंड पर कितना असर दिखेगा, यह अभी नही कहा जा सकता लेकिन भारतीय सेना ने अक्टूबर से जनवरी 2021 के दौरान अपने सद्भावना भरे कदमों से पीएलए को आश्चर्य चकित जरूर कर दिया।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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