Purvanchal Express Way: एयरक्राफ्ट C-130 j सुपर हरक्यूलिस से हाइवे पर उतरेंगे PM मोदी

Purvanchal Express Way
अभिनय आकाश । Nov 13, 2021 2:50PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडि.न एयरफोर्स के विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर लैंड करेंगे। एयरफोर्स के विमान वहां पर एयरशो भी करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी इंडियन एयरफोर्स के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 j सुपर हरक्यूलिस से वहां लैंड करेंगे।

सड़क सिर्फ रफ्तार नहीं विकास का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले सड़क सियासत की रफ्तार भी बढ़ा रही है। 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। लखनऊ से गाजीपुर तक एक्सप्रेस वे बनकर तैयार है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर तैयारियों को जायजा भी ले लिया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे दूसरा ऐसा एक्सप्रेस वे होगा जिस पर लड़ाकू विमान उतर सकेंगे। इससे पहले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ड़ाकू विमानों के लिए हवाई पट्टी तैयार की गई थी। अब पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए भी ऐसी ही तैयारी है। 

C-130 j सुपर हरक्यूलिस से पीएम की लैंडिंग 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडि.न एयरफोर्स के विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर लैंड करेंगे। एयरफोर्स के विमान वहां पर एयरशो भी करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी इंडियन एयरफोर्स के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 j सुपर हरक्यूलिस से वहां लैंड करेंगे। इसी इमरजेंसी एयर स्ट्रिप पर फिर फाइटर जेट के मिराज-2000 भी लैंड करेगा। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर तकरीबन एक घंटे 45 मिनट तक रहेंगे।  

आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा

ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 j विमान से इंडियन एयरफोर्स के गरुड कमांडो और स्पेशल फोर्स के कमांडोज की इंसरशन ड्रिल (वहां ड्रॉप करना) भी दिखाई जाएगी। फाइटर एयरक्राफ्ट सुखोई, जगुआर और मिराज फ्लाईपास्ट करेंगे साथ ही सूर्य किरण एरोबैटिक टीम भी आसमान में अपना कमाल दिखाएगी। कार्यक्रम के बाद एक्सप्रेसवे से ही पीएम को लेकर C-130 एयरक्राफ्ट टेकऑफ करेगा।

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क्यों पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप की जरूरत

युद्ध के दौरान दुश्मन देश अक्सर देश के महत्वपूर्ण एयरबेस को टारगेट करके उन्हें तबाह करने की कोशिश में रहते हैं ताकि उस देश के फाइटर जेट लैंड और टेकऑफ न कर सकें। करीब 50 साल पहले पाकिस्तान से युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में वायुसेना के भुज एयरबेस पर जो हुआ, अब वैसी नौबत नहीं आए। इसलिए इस प्रोजेक्ट की जरूरत थी। तब 8 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान के जेट्स ने वायुसेना के भुज एयरबेस पर बम दागे थे। इससे एयरबेस के रनवे तबाह हो गया था। युद्ध के दौरान वहां सारे हवाई ऑपरेशन्स में रुक गए थे। भविष्य में ऐसे हालात पैदा न हों इसके लिए यह प्रोजेक्ट जरूरी था।   

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