Delhi में Jantar Mantar जा रहे Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत 100 हिरासत में

दिल्ली में निर्वाचन आयुक्तों से मिलने और जंतर मंतर पर धरने के लिए निकले विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद शांगरी-ला होटल के निकट गोलचक्कर पर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत लगभग 100 लोगों को हिरासत में लिया गया। राहुल को बाद में थाने से रिहा कर दिया गया।
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा समेत 100 लोगों को बुधवार को तब हिरासत में ले लिया जब वे धरना देने के लिए जंतर मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेकर बाराखंभा थाने ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया।
ये नेता अन्य विपक्षी सांसदों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने शांगरी-ला होटल के पास एक गोलचक्कर पर धरना दिया। प्रियंका गांधी और कई महिला नेता संविधान की प्रति हाथ में लिए सड़क पर लेट गईं, जिसके बाद मौके पर एकत्र हुए सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया।
सुरक्षाकर्मियों ने पहले राहुल गांधी को हटाया और कंधों पर उठाकर पुलिस बस में बैठा दिया। जब पुलिस ने वाहन को आगे बढ़ाने की कोशिश की, तो अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और उदय भानु चिब सहित कांग्रेस के कई नेता विपक्ष के नेता को ले जा रही बस के ऊपर चढ़ गए, जबकि मुमताज पटेल उसके बोनट पर बैठ गईं। इसके बाद महिला पुलिस कर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी ने प्रियंका गांधी और अन्य महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया और बसों में बैठाया।
प्रियंका गांधी ने कहा, जो सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलने की मांग कर रहे हैं, उनके साथ वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। वे हमारे साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। वे संसद सदस्यों को पीट रहे हैं।
इस बीच, राहुल गांधी को ले जा रही पुलिस बस का अग्रसेन की बावली के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टायर पंक्चर कर दिया। पार्टी के अनुसार, इसके बाद गांधी को दूसरी पुलिस बस में स्थानांतरित किया गया और बाराखंभा थाने ले जाया गया। हालांकि देर शाम गांधी को थाने से छोड़ दिया गया।
इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके समर्थकों को जबरन आकाशवाणी भवन में परिसर में आठ घंटे तक धरना देने के बाद हिरासत में लिया था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आकाशवाणी भवन में प्रवेश करने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी इस शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है कि दोनों कांग्रेस नेता, उनके समर्थक और उनके साथ आए अन्य सांसद बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में घुसे थे।
अधिकारियों ने बताया कि आकाशवाणी भवन के दो सुरक्षा गार्डों की एमएलसी भी कराई गई, जिन्हें कथित तौर पर तब चोटें आईं जब कांग्रेस सांसदों और उनके समर्थकों ने जबरन परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ दीवारों के कथित तौर पर क्षतिग्रस्त होने के बाद पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर के हिस्सों की तस्वीरें भी लीं। प्राथमिकी में दर्ज सटीक आरोपों का खुलासा नहीं किया गया है।
प्राथमिकी के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा, मेरे खिलाफ 45 प्राथमिकी दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य है कि मेरे खिलाफ 100 प्राथमिकी होनी चाहिए। मेरे खिलाफ हर प्राथमिकी मेरे लिए एक पदक की तरह है।
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