ट्रेनों में रात को Charging Point बंद करने पर उठे सवाल, विशेषज्ञों ने दिया सर्किट ब्रेकर का सुझाव

ट्रेनों में रात को Charging Point बंद करने पर उठे सवाल, विशेषज्ञों ने दिया सर्किट ब्रेकर का सुझाव
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रेलवे बोर्ड के पूर्व अधिकारियों और तकनीकी जानकारों ने रात 11 से सुबह 5 बजे तक ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग बंद करने के निर्देश पर आपत्ति जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आग की घटनाएं वायरिंग और सर्किट में खराबी से होती हैं, न कि फोन चार्ज करने से। उन्होंने यात्रियों की सुविधा छीनने के बजाय कोचों में फ्यूज, सर्किट ब्रेकर या यूएसबी पोर्ट लगाने की सलाह दी है।

रेलवे बोर्ड के एक पूर्व सदस्य सहित विशेषज्ञों तथा सेवानिवृत्त वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने रेलवे मंत्रालय के उस निर्देश की आलोचना की है, जिसमें आग संबंधी सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे के सभी जोन को रात 11 बजे से सुबह पांच बजे के बीच मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय रेलवे मंत्रालय को ‘फ्यूज’ या ‘सर्किट ब्रेकर’ लगाने के निर्देश देने चाहिए, ताकि सर्किट में अत्यधिक करंट प्रवाहित होने पर बिजली की आपूर्ति अपने आप बंद हो जाए। रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) सुबोध जैन ने कहा, ‘‘आग लगने की घटनाएं सॉकेट, इलेक्ट्रिकल सर्किट या वायरिंग में खराबी के कारण होती हैं, न कि खुद मोबाइल फोन चार्ज करने से।

एक आवश्यक सुविधा से इसलिए यात्रियों को वंचित करना सही दृष्टिकोण नहीं है कि रेलवे अपने इलेक्ट्रिकल सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहा है।’’ उन्होंने कहा कि इस समस्या का व्यावहारिक समाधान फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना होगा। उन्होंने कहा कि विकल्प के तौर पर यूएसबी पोर्ट भी दिए जा सकते हैं। ट्रेन सुरक्षा से जुड़े एक अन्य विशेषज्ञ ने जैन की बात से सहमति जताते हुए कहा कि ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं से जुड़े विश्लेषणों से पता चलता है कि सर्किट और वायरिंग में खराबी ही इसके मुख्य कारण रहे हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि जब भी करंट अचानक बढ़े, तो फ्यूज को बिजली आपूर्ति काट देनी चाहिए। उन्होंने रेलवे सुरक्षा आयुक्त की उस हालिया रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें नवंबर 2023 में नयी दिल्ली-दरभंगा हमसफर क्लोन स्पेशल ट्रेन के शयनयान में लगी आग की घटना की जांच की गई थी। विशेषज्ञ ने बताया कि रिपोर्ट की सिफारिशों में से एक यह थी कि सभी डिब्बों में पर्याप्त क्षमता वाले फ्यूज लगाए जाएं।

रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को सभी जोन को अपने 2014 के आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया, जिसके तहत आग की घटनाओं को रोकने के लिए ट्रेन की बोगियों में रात 11 बजे से सुबह पांच बजे के बीच सभी मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जाने हैं।

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