Bagdogra में जवानों संग Rajnath Singh ने मनाई दिवाली, Made in India तकनीक को सराहा

Rajnath Singh
ANI
अंकित सिंह । Nov 7 2026 1:59PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरफील्ड में भारतीय वायु सेना के जवानों से बातचीत कर उनके साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में वायु योद्धाओं की भूमिका गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने सेना को ड्रोन, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा तकनीकों से लैस करने पर जोर दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना के कर्मियों के साहस, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा के समय राहत कार्यों में उनके योगदान ने उन्हें देश के लिए गर्व का स्रोत बना दिया है। दीवाली से पहले पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरफील्ड में सशस्त्र बलों के कर्मियों से बातचीत करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के वायु योद्धाओं की वीरता और प्रतिबद्धता को न केवल देश के भीतर, बल्कि पूरी दुनिया में पहचाना जाता है।

इसे भी पढ़ें: बेअसर रही पूर्व वायुसेना प्रमुख की चिट्ठी, मोदी सरकार ने वापस ले ली Race Course Air Force Station की 39.5 एकड़ जमीन

उन्होंने कहा कि चाहे विपरीत परिस्थितियों में देश की रक्षा करना हो या विभिन्न आपदाओं के समय अपनी भूमिका निभाना हो, हमारे वायु योद्धा हर चुनौती के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। आपका समर्पण ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। 

सशस्त्र बलों में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि सैनिकों में साहस और अनुशासन न हो, तो सबसे उन्नत तकनीक भी बेकार है। राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत क्यों न हो, अगर हमारे सैनिकों में अनुशासन और साहस की कमी है, तो वह किसी काम की नहीं है। हमारे सशस्त्र बल अपने अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। अनुशासन ही एक साधारण सैनिक को एक असाधारण योद्धा में बदल देता है।

रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों को ड्रोन और साइबर सुरक्षा क्षमताओं जैसी नई तकनीकों से लैस करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जवान ड्रोन चलाना सीख रहे हैं, साइबर सुरक्षा को समझ रहे हैं और युद्ध के नए तरीकों को अपना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन बदलावों से सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होगी। उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में, हमें अपने सशस्त्र बलों को और अधिक तकनीक-प्रधान बनाने की जरूरत है। मुझे पूरा भरोसा है कि आप सभी के सहयोग से, हम इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेंगे।"

इसे भी पढ़ें: Agnipath Scheme: 4 साल बाद अग्निवीरों को 2 साल का सेवा विस्तार, स्थायी भर्ती का खुला रास्ता

राजनाथ सिंह ने भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमताओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश का आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना, घरेलू स्टार्टअप्स और उद्योगों को ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरण विकसित करने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि भारतीय सैनिक देश में विकसित तकनीकों को अपनाने में सबसे आगे हैं। राजनाथ सिंह ने सैन्य कर्मियों से यह भी आग्रह किया कि वे उन इलाकों के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें जहाँ वे तैनात हैं। उन्होंने कहा कि उनका व्यवहार सशस्त्र बलों की छवि बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सैनिक जिस तरह से रहते हैं—जिसमें उनकी वर्दी, भाषा और संयम शामिल है—उससे स्थानीय लोगों की सेना के प्रति धारणा तय होती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़