Rajya Sabha 2 बजे तक स्थगित, Ram Temple चढ़ावा चोरी मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध के बाद उच्च सदन की कार्यवाही दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अनुमति न देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य से संबंधित विषयों को संसद में उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे खड़े हुए और राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की।

सभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी झारखंड से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी थी क्योंकि वह राज्य का विषय है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राज्य से जुड़े विषय को उठा रहे हैं, इसलिए इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर दिन एक ही विषय उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सभापति ने कहा, ‘‘मैंने आपको कई बार अनुमति दी है।

आप जिस विषय को उठा रहे हैं वह राज्य का विषय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्ता पक्ष के सदस्य भी कुछ राज्य से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे, लेकिन मैंने उन्हें भी अनुमति नहीं दी। वे झारखंड का मुद्दा उठाना चाहते थे और मैंने कहा कि यह राज्य का विषय है।

मैं किसी भी राज्य के विषय को उठाने की अनुमति नहीं दूंगा।’’ सभापति ने खरगे और हंगामा कर रहे अन्य सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने को कहा और सूचीबद्ध प्रश्न लेकर कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी... मैं केवल आपकी ओर से दबाव महसूस कर रहा हूं। सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते।

आप हमेशा दबाव डालते हैं।’’ इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और सदस्यों से शून्यकाल के तहत लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा। सभापति ने बीजू जनता दल के डॉ संतृत्त मिश्र को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा।

मिश्र ने ओडिशा में उर्वरक की उपलब्धता से जुड़ा मुद्दा उठाया और अपनी बात ओड़िया में रखी। इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन से नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। जब बीजद सदस्य डॉ संतृत्त मिश्र अपना वक्तव्य समाप्त करने वाले थे, तभी खरगे उठे और उन्होंने राम मंदिर से संबंधित नया मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी।

खरगे ने कहा, ‘‘सभापति महोदय, मैं एक नया मुद्दा उठा रहा हूं... राम मंदिर का मुद्दा है।’’ नेता प्रतिपक्ष के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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