RML Hospital Super Speciality Block: ₹400 करोड़ का प्रोजेक्ट फिर भी इलाज नदारद, High Court सख्त

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अभिनय आकाश । Jul 27 2026 3:54PM

कोर्ट ने अधिकारियों से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर निर्देश भी मांगे। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दिल्ली फायर सर्विस को भी प्रतिवादी (respondent) के तौर पर शामिल किया, क्योंकि इस सुविधा को चालू करने से जुड़े मुद्दों में कानूनी फायर सेफ्टी मंज़ूरी भी शामिल है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त, 2026 को होगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र, डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल और दिल्ली सरकार को एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि RML अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का प्रोजेक्ट काफी हद तक पूरा होने के बावजूद इसे चालू नहीं किया गया है। कोर्ट ने अधिकारियों से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर निर्देश भी मांगे। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दिल्ली फायर सर्विस को भी प्रतिवादी (respondent) के तौर पर शामिल किया, क्योंकि इस सुविधा को चालू करने से जुड़े मुद्दों में कानूनी फायर सेफ्टी मंज़ूरी भी शामिल है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त, 2026 को होगी।

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यह PIL NGO 'सोशल ज्यूरिस्ट' ने वकील अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष के ज़रिए दायर की है। इसमें कमियों को तुरंत दूर करने, सभी ज़रूरी कानूनी मंज़ूरी (जैसे कंप्लीशन और सेफ्टी सर्टिफ़िकेट) लेने और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर वकील सत्यकाम और वकील अशोक अग्रवाल ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाने में जनता का लगभग ₹400 करोड़ खर्च हुआ है।

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याचिकाकर्ता के अनुसार, इस सुविधा से लगभग 666 बेड, एडवांस्ड ऑपरेशन थिएटर और खास हेल्थकेयर सुविधाएं जुड़ने की उम्मीद है, लेकिन कानूनी मंज़ूरी मिलने में देरी और प्रशासनिक कमियों के कारण यह अभी तक चालू नहीं हो पाई है।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि इंफ्रास्ट्रक्चर का काम काफ़ी हद तक पूरा होने के बावजूद, इस देरी की वजह से हज़ारों मरीज़ ज़रूरी खास मेडिकल सेवाओं से वंचित रह गए हैं।

याचिका में कहा गया है कि इस सुविधा को चालू करने में हो रही लंबी देरी से पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर कमज़ोर होता है और प्रोजेक्ट पर काफ़ी खर्च होने के बावजूद सरकारी संसाधनों की बर्बादी होती है।

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