सदाकत आश्रम बना अखाड़ा, बिहार कांग्रेस प्रभारी के सामने चलीं कुर्सियां

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 12, 2021   18:03
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सदाकत आश्रम बना अखाड़ा, बिहार कांग्रेस प्रभारी के सामने चलीं कुर्सियां

बिहार प्रभारी भक्त चरण दास जब कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस कार्यालय में बैठक कर रहे थे, इसी दौरान भारी बवाल देखने को मिला। खबरों के अनुसार पूर्व कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के समर्थकों की तरफ से हाथापाई की गई।

बिहार में कांग्रेस पार्टी का दफ्तर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेता आपस में ही भिड़ गए। दरअसल, कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास की उपस्थिति में किसान प्रकोष्ठ की बैठक चल रही थी। इसी दौरान नेताओं के बीच तू-तू, मैं-मैं हुई। इस दौरान ही दोनों तरफ से कुर्सियां तक फेंक कर हमला किया गया। 

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गौरतलब है कि बिहार प्रभारी भक्त चरण दास जब कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस कार्यालय में बैठक कर रहे थे, इसी दौरान भारी बवाल देखने को मिला। खबरों के अनुसार पूर्व कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के समर्थकों की तरफ से हाथापाई की गई।  





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


कई मोबाइल गेम हिंसक, अश्लील एवं व्यसनी हैं, पबजी एक उदाहरण है: जावडेकर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   09:17
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कई मोबाइल गेम हिंसक, अश्लील एवं व्यसनी हैं, पबजी एक उदाहरण है: जावडेकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय मूल्यों, धरोहर एवं सांस्कृतिक मूल्यों को संजोकर रखने एवं उनका संवर्धन करने के लिए बेताब हैं और वह बहुत प्रयास कर रहे हैं ताकि हमारे देश के बच्चे एवं युवक हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपरा से परिचित हों।

नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कई मोबाइल गेम ‘हिंसक, अश्लील और व्यसनी’ हैं और पबजी बस एक उदाहरण है, इसलिए सरकार ने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए गेमिंग उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनायी है। पबजी चीनी मूल के उन 100 से अधिक मोबाइल एप में शामिल हैं जिनपर पिछले साल सरकार ने पाबंदी लगायी थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि मंत्रालय ने वीएफएक्स, गेमिंग और एनीमेशन से जुड़े पाठ्यक्रमों के अध्यापन के लिए गेम सेंटर बनाने का निर्णय लिया है ताकि ऐसे गेम विकसित किये जाएं जो भारतीय मूल्यों का सवंर्धन करे।

अखिल महाराष्ट्र खिलौना/खेल/प्रोजेक्ट डिजायन प्रतिस्पर्धा ‘खेल खेल मे’ आभासी एवं पुरस्कार वितरण में मंत्री ने कहा ये पाठ्यक्रम इसी साल शुरू हो जायेंगे। मंत्री ने कहा, ‘‘ यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आईआईटी मुम्बई के साथ मिलकर गेमिंग एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र बनाने का फैसला किया है। हम तैयारी के आखिरी चरण में हैं और 2021 से नया सत्र शुरू हो जाएगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय मूल्यों, धरोहर एवं सांस्कृतिक मूल्यों को संजोकर रखने एवं उनका संवर्धन करने के लिए बेताब हैं और वह बहुत प्रयास कर रहे हैं ताकि हमारे देश के बच्चे एवं युवक हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपरा से परिचित हों।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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केरल माकपा शासन में कट्टरपंथियों का अपना देश बन चुका है: निर्मला सीतारमण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   09:11
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केरल माकपा शासन में  कट्टरपंथियों का अपना देश  बन चुका है: निर्मला सीतारमण

पिछले सप्ताह अलप्पुझा में आरएसएस कार्यकर्ता की कथित तौर पर एसडीपीआई कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या किए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वाम शासित राज्य में हिंसा बढ़ रही है।

त्रिप्पुनितुरा (केरल)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केरल की माकपा नीत सरकार पर हमला किया और आरोप लगाया कि राज्य इसके पांच वर्षीय शासनकाल में कट्टरपंथियों का अपना देश बन गया है जोकि भगवान का अपना देश के तौर पर जाना जाता है। मंत्री ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर भी उनके बजटको लेकर निशाना साधा और बजट बनाने में केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड की भूमिका को लेकर सवाल उठाया।

पिछले सप्ताह अलप्पुझा में आरएसएस कार्यकर्ता की कथित तौर पर एसडीपीआई कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या किए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वाम शासित राज्य में हिंसा बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, मेरा मन रोता है जब मुझे मुझे ऐसा कहना पड़े कि आरएसएस प्रचारक नंदू कृष्णा को मार दिया गया। क्या यहीं भगवान का अपना देश है? केरल के भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन की विजय यात्रा को लेकर आयोजित एक बैठक का उद्घाटन करते हुए सीतारमण ने आरोप लगाया कि केरल में कट्टरपंथियों के दुर्व्यवहार पर सवाल नहीं उठाया जाएगा क्योंकि माकपा का पीछे के दरवाजे से एसडीपीआई के साथ गठबंधन है।





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कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा: राकेश टिकैत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   09:02
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कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा: राकेश टिकैत

टिकैत ने यह बात रविवार को सहारनपुर जिले के नागल मार्ग स्थित लाखनौर गांव में किसानों की महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जिस तरीके से पहले गोदाम बनाये गये और बाद मे कानून बनाया गया, वह किसानो के साथ धोखा है।

सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्टीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि जब तक एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य)पर कानून नहीं बनेगा और नए कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। टिकैत ने यह बात रविवार को सहारनपुर जिले के नागल मार्ग स्थित लाखनौर गांव में किसानों की महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जिस तरीके से पहले गोदाम बनाये गये और बाद मे कानून बनाया गया, वह किसानो के साथ धोखा है।

विपक्ष की मजबूती पर अपने विचार व्यक्त करते हुए टिकैत ने कहा कि विपक्ष का मजबूत होना बहुत जरूरी है, यदि विपक्ष मजबूत होता तो केन्द्र सरकार किसान विरोधी कृषि कानून लागू नहीं कर पाती। टिकैत ने कहा, ‘‘किसान अपनी जमीन को औलाद की तरह प्यार करता है फिर वह कैसे अपनी जमीन को बड़ी कम्पनियो के हाथों में सौंप सकता है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘ खेती में घाटा होने के बावजूद किसान अपनी जमीन पर पसीना बहाते हुए खेती करता है जबकि व्यापारी नुकसान होने पर अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर मे जाकर व्यापार करने लगता है, अपना व्यापार बदल लेता है लेकिन किसान सिर्फ खेती ही करता है और उसका परिवार उसी खेती पर टिका होता है।’’ 

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टिकैत ने केन्द्र की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने किसान के आगे कंटीले तार लगाकर किसान की भावनाओं को भड़काने का काम किया है, यही नहीं तिरंगे के लिये भी सरकार ने किसानो का अपमान किया है जबकि वास्तविकता यह है कि तिरंगे का सबसे ज्यादा सम्मान गांव के लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को भ्रम है कि किसान गेंहु की कटाई मे लग जायेगा लेकिन सरकार यह बात समझ ले कि किसान गेंहु की कटाई भी करेगा और आन्दोलन भी करेगा। टिकैत ने कहा कि किसान सरकार से संशोधन नहीं चाहताबल्कि नये कृषि कानून की समाप्ति चाहता है,जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।





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