Jammu Kashmir: सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, बडगाम में लश्कर के नार्को-टेरर फंडिंग मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

Lashkar narco terror module
ANI
अंकित सिंह । Jun 24, 2022 8:01PM
बयान के मुताबिक जांच से यह भी पता चला कि मॉड्यूल नशीले पदार्थों के संग्रह के लिए आतंकवादी गुर्गों के निर्देश पर काम कर रहा था और बाद में नशीले पदार्थों की आय को आतंकवादियों के बीच वितरित कर रहा है। इसके अलावा, उनके कब्जे से लश्कर-ए-तैयबा की आपत्तिजनक सामग्री के साथ साथ 3 ग्रेनेड, 2 एके-मैगजीन और एके-47 के 65 राउंड सहित विस्फोटक पदार्थ बरामद किए गए हैं।

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बल लगातार आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं। इस साल लगभग 115 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर किया जा चुका है। इसके अलावा लगातार टेरर मॉड्यूल का भी भंडाफोड़ किया जा रहा है। इन सब के बीच आज जम्मू कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। जानकारी के मुताबिक बडगाम में पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नार्को-टेरर फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आतंकवादी साथियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकवादियों के पास से आपत्तिजनक सामग्री, विस्फोटक, गोला-बारूद और वाहन बरामद किए गए है।

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बयान के मुताबिक जांच से यह भी पता चला कि मॉड्यूल नशीले पदार्थों के संग्रह के लिए आतंकवादी गुर्गों के निर्देश पर काम कर रहा था और बाद में नशीले पदार्थों की आय को आतंकवादियों के बीच वितरित कर रहा है। इसके अलावा, उनके कब्जे से लश्कर-ए-तैयबा की आपत्तिजनक सामग्री के साथ साथ 3 ग्रेनेड, 2 एके-मैगजीन और एके-47 के 65 राउंड सहित विस्फोटक पदार्थ बरामद किए गए हैं। पुलिस स्टेशन चदूरा में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। 

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लश्कर और जेईएम जैसे संगठनों के बीच संबंध क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष खतरा

भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे संगठनों के बीच संबंध क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष खतरा है। साथ ही भारत ने यह सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया कि अफगानिस्तान आतंकवादी समूहों के लिए पनाहगाह नहीं बने। पाकिस्तान की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुएभारत ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित संगठनों को इस क्षेत्र में स्थित आतंकी पनाहगाहों से कोई मदद नहीं मिलना भी सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने यूएनएएमए पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि अफगानिस्तान में ‘आईएसआईएल-खोरासन’ की मौजूदगी और हमले करने की उनकी क्षमता में खासी वृद्धि हुई है।

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