चप्पे-चप्पे पर है सुरक्षाकर्मियों की नजर, समुंदर में मौजूद हर जहाज की होती है निगरानी !

चप्पे-चप्पे पर है सुरक्षाकर्मियों की नजर, समुंदर में मौजूद हर जहाज की होती है निगरानी !

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंटर की स्क्रीन की बदौलत इंडियन ओशन रीजन में हर छोटे-बड़े जहाजों की निगरानी की जा रही है। इसके अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी डेटा पर भी अपनी नजर बनाए रखते हैं।

नयी दिल्ली। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद से सुरक्षा एजेंसियों और भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं। जमीन के साथ-साथ समुंदर की हर एक हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। बता दें कि गुड़गांव में भारतीय नौसेना के इन्फर्मेशन मैनेटमेंट एंड एनालिटिक सेंटर से समुंदर की हर एक हरकर पर नजर रखी जा रही है। सेंटर पर स्थित स्क्रीन की मदद से सुरक्षाकर्मी हर इलाके तक पहुंच रहे हैं। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंटर की स्क्रीन की बदौलत इंडियन ओशन रीजन में हर छोटे-बड़े जहाजों की निगरानी की जा रही है। इसके अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी डेटा पर भी अपनी नजर बनाए रखते हैं। जिसकी बदौलत चंद मिनट में यह पता चल जाता है कि कहीं कोई संदिग्ध जहाज तो इलाके में नहीं है।

गुड़गांव स्थिति सेंटर में दूसरे देशों से मिल रही फीड को बारीकी से देखा जाता है। ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारियों मिल सकें। आपको बता दें कि हर जहाज का अपना एक नंबर होता है। जिसके जरिए वह जहाज किस देश का है, उसका कप्तान कौन है और उस जहाज में क्या सामान लोड है इस सबकी जानकारी फीड के माध्यम से मिलती रहती है। जिसकी बारीकी से अध्ययन किया जाता है। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौसेना के इन्फर्मेशन मैनेटमेंट एंड एनालिटिक सेंटर को यह भी जानकारी होती है कि हमारे समुंदर में कितने जहाज कितने जहाज मौजूद रहेंगे और कितने गुजरेंगे। हालांकि, एक 20 मीटर से छोटी मछली पकड़ने वाली नावें अभी भी निगरानी कर रहे सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे बड़ी हर एक नाव का अपना नंबर होता है। जिसके जरिए उनकी निगरानी की जाती है।

मिली जानकारी के मुताबिक, समुंदर की केवल इन्फर्मेशन मैनेटमेंट एंड एनालिटिक सेंटर से ही नहीं की जाती है बल्कि मरीन पुलिस भी चौकसी करती हैं। इनके अतिरिक्त दूसरी एजेंसियां भी समुंदर के रास्तों को मॉनिटर करती रहती हैं।





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