सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में बोले PM मोदी, हमारी कल्पना से कहीं अधिक भूमिका निभा रहा सेमी-कंडक्टर

सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में बोले PM मोदी, हमारी कल्पना से कहीं अधिक भूमिका निभा रहा सेमी-कंडक्टर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक सेमी-कंडक्टर सप्लाई चेन में भारत को प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। हम हाई-टेक, उच्च गुणवत्ता और उच्च विश्वसनीयता के सिद्धांत के आधार पर इस दिशा में काम करना चाहते हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बेंगलुरु में सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में आप सभी का स्वागत करते हुए आज मुझे बहुत खुशी हो रही है। मुझे खुशी है कि ऐसा सम्मेलन भारत में हो रहा है। आखिरकार सेमी-कंडक्टर दुनिया में हमारी कल्पना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सेमी-कंडक्टर सप्लाई चेन में भारत को प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। हम हाई-टेक, उच्च गुणवत्ता और उच्च विश्वसनीयता के सिद्धांत के आधार पर इस दिशा में काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं भारत के सेमी-कंडक्टर प्रौद्योगिकियों के लिए निवेश गंतव्य होने के 6 कारण देखता हूं।

  • पहला, सबसे पहले हम 1.3 बिलियन से अधिक भारतीयों को जोड़ने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं। यूपीआई आज दुनिया का सबसे कुशल भुगतान ढांचा है। हम स्वास्थ्य और कल्याण से लेकर समावेश और सशक्तिकरण तक शासन के सभी क्षेत्रों में जीवन को बदलने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं।
  • दूसरा, हम भारत के लिए अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। हम 6 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने की राह पर हैं। हम 5G, IoT और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में विकासशील क्षमताओं में निवेश कर रहे हैं।
  • तीसरा, भारत मजबूत आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है। हमारे पास दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्टार्टअप इको-सिस्टम है। हर कुछ हफ्तों में नए यूनिकॉर्न आ रहे हैं। भारत में सेमी-कंडक्टर की अपनी खपत 2026 तक 80 बिलियन डॉलर और 2030 तक 110 बिलियन डॉलर को पार करने की उम्मीद है।
  • चौथा, हमने भारत में व्यापार के लिए व्यापक सुधार किए हैं। पिछले साल हमने 25,000 से अधिक अनुपालनों को समाप्त कर दिया और लाइसेंसों के ऑटो-नवीनीकरण की दिशा में जोर दिया। डिजिटलीकरण भी नियामक ढांचे में गति और पारदर्शिता ला रहा है।
  • पांचवां, हम 21वीं सदी की जरूरतों के लिए युवा भारतीयों के कौशल और प्रशिक्षण में भारी निवेश कर रहे हैं। हमारे पास एक असाधारण सेमी-कंडक्टर डिज़ाइन टैलेंट पूल है जो दुनिया के 20 फीसदी सेमी-कंडक्टर डिज़ाइन इंजीनियरों को बनाता है।
  • छठा, हमने भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बदलने की दिशा में कई उपाय किए हैं। ऐसे समय में जब मानवता सदी में एक बार महामारी से लड़ रही थी, भारत न केवल हमारे लोगों के स्वास्थ्य में सुधार कर रहा था बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य में भी सुधार कर रहा था। 

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इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सेमी-कंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत को प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक उद्देश्य है। हम हाई-टेक, उच्च गुणवत्ता और उच्च विश्वसनीयता के सिद्धांत के आधार पर इस दिशा में काम करना चाहते हैं।





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